इसलिए शिवराज सिंह चौहान ने नहीं लगवाया कोरोना वैक्सीन! कहा-कुछ नादानों ने सवाल उठाया…

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फाइल फ़ोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोरोना संक्रमण  के खिलाफ विश्‍व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत की. इसके बाद मध्‍य प्रदेश की राजनीति गरमा गई. इस संबंध में मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक ट्वीट किया. उन्होंने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि कुछ नादानों ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री क्यों वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं…मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि हम प्रोटोकॉल का पालन करने वाते हैं…वैक्सीनेशन की एक पूरी प्रक्रिया है, यदि इसका पालन सीएम ही न करे, तो अभियान सफल कैसे होगा…उन्होंने आगे लिखा कि हमारे को पहले टीका लगेगा, बाद में मुझे!

एक अन्य ट्वीट में शिवराज ने कहा कि आज देश में कोरोना वैक्सीन अभियान प्रारम्भ हुआ है. मध्यप्रदेश में 150 स्थानों पर सभी सावधानियों का पालन करते हुए कोरोना का वैक्सीन लगाना प्रारम्भ हुआ है. मेरे प्रदेशवासियों, दोनों ही वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित हैं…इन्हें हमारे वैज्ञानिकों ने जांचा और परखा है….आपको बता दें कि कोरोना वैक्सीन को लेकर शिवराज पिछले दिनों विपक्ष के निशाने पर आ गये थे.

इसलिए छिड़ी थी बहस : आपको बता दें कि शिवराज सिंह चौहान ने कहा था, मैंने फैसला लिया है कि अभी कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाऊंगा, पहले जिन ग्रुपों को वैक्सीन देना तय किया है पहले उन्हें वैक्सीन मिलनी चाहिए. शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के दौरान यह बात कही थी जिसके बाद बयानबाजी तेज हो गई थी. आज ट्वीट करके ऐसे लोगों को शिवराज ने जवाब दिया है. शिवराज के बयान पर सोशल साइट पर नयी बहस छिड़ रही थी. लोगों ने सवाल खड़ा किया था कि पहले वैक्सीन लेने से शिवराज क्यों बच रहे हैं.

3006 वैक्सीनेशन सेंटर : वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ भारत के सभी राज्‍यों और केन्‍द्रशासित प्रदेशों के 3006 वैक्सीनेशन सेंटर आपस में जुडें. ज्ञात हो कि पहले चरण के लिए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में इसके लिए कुल 3006 वैक्सीनेशन सेंटर बनाए गए हैं. पहले दिन तीन लाख से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना वैक्सीन दी जाएगी. सरकार के मुताबिक, सबसे पहले एक करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले करीब दो करोड़ कर्मियों और फिर 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन दी जाएगी. बाद के चरण में गंभीर रूप से बीमार 50 साल से कम उम्र के लोगों का नंबर आएगा.