अब जिला चिकित्सालय के चिकित्सक नहीं पहुँचे समय पर तो भोपाल से होंगी कार्यवाही…

0

News By – नीरज बरमेचा 

प्रदेश भर के जिला चिकित्सालय में चिकित्सको का समय ना आना अब उन्हें भारी पड़ सकता है| रतलाम के जिला चिकित्सालय में भी की हाल बेहाल है| जिला चिकित्सालय के चिकित्सक ना तो समय पर पहुँचते है और ना ही उनकी जगह पर मिलते है| ऐसा नहीं है कि इसका आला अधिकारिओ को संज्ञान नहीं है, लेकिन सब आखों को बंद रख कर अपना काम किये जा रहे है| निजी प्रैक्टिस को तो यहाँ के चिकित्सको ने अपना मुख्य व्यवसाय बना लिया है| अनेक चिकित्सको के अपने खुद के हॉस्पिटल चल रहे है, अनेक चिकित्सक दुसरे के हॉस्पिटल में जाकर देखते है| कुल मिलाकर पूरे कुँए में ही भांग घुली हुई है| ना इन्हें कोई रोकने वाला है और ना ही जिला चिकित्सालय की सुविधाओ के बारे में किसी को सोचने की पड़ी है| अनेक चिकित्सको की सुबह ही 10 के बाद होती है। जिला चिकित्सालय में नज़र घुमा कर सब अपने अपने निजी अड्डे पर पहुच जाते है| यदि कोई मरीज जिला चिकित्सालय में किसी चिकित्सक को उवचार के लिए दिखाता है तो उसे निजी क्लिनिक पर या हॉस्पिटल में बुलाया जाता है फिर उसे देखा जाता है| और तो और यहाँ पर बिना हाथ लगाये मरीजो को दवाई भी लिख दी जाती है| ऐसा सिर्फ और सिर्फ रतलाम के जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकता है| 

यही हाल शासकीय मेडिकल कॉलेज के अनेक चिकित्सको का है| उन्हें भी सिर्फ तनख्वाह सरकार से चाहिए, लेकिन प्रैक्टिस अपने हिसाब से करते है| शासकीय मेडिकल कॉलेज के अस्पताल आने से पहले ही कई चिकित्सको ने निजी जमावट कर ली है| सिर्फ रेफर शुरू करने की देर है| और मदर चाइल्ड हॉस्पिटल में तो महिला विशेषज्ञ चिकित्सको ने खुले आम इसकी शुरुवात कर दी है|

इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. आनंद चंदेलकर से न्यूज़ इंडिया 365 ने जब बात की तो यह पता चला की मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. संजय गोयल अब इस और सजग हो चुके है और जल्द ही इसके लिए नई प्रणाली भी विकसित करने वाले है| अब अटेंडेंस प्रतिदिन सुबह 9.30 तक भोपाल ऑफिस पर अपडेट करना होंगी| जिसकी सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है| यदि अब किसी भी चिकित्सक को देरी से पाया गया तो उस पर कड़ी कार्यवाही भी होंगी| 

बता दे कि डॉ. संजय गोयल पहले रतलाम के भी कलेक्टर रह चुके है| और इन्होंने जिला चिकित्सालय में बायो मैट्रिक्स अटेंडेंस की शुरुवात की थी, लेकिन चिकित्सको की मनमर्जी के आगे यह चल ना सकी| अब यह तो वक़्त ही बतायेंगा कि भोपाल रहते हुए डॉ. गोयल इस और कितना परिवर्तन कर पाएंगे?