News By – विवेक चौधरी
रतलाम। यूनाइटेड फोरम के बैनर तले रतलाम में बैंकों के विभिन्न बैंक संगठनों के द्वारा निजीकरण के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल का आयोजन किया गया था। जिसके तहत मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा मित्र निवास रोड रतलाम के बाहर धरना एवं प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी यूनाइटेड फोरम के पदाधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक देश की धरोहर है एवं अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है। यह देश की आम नागरिक की सुविधाओं से सीधा जुड़ा हुआ है। निजीकरण के दूरगामी परिणाम बहुत घातक होंगे, ग्रामीण अंचल बैंकिंग सुविधाओं से वंचित हो जाएंगे तथा देश में पूंजीवाद को बढ़ावा मिलेगा, सेवाएँ महँगी होंगी।
हड़ताल के दूसरे दिन प्रदर्शन लगभग 5 घंटे चला जिसमे कई ट्रेड यूनियन के पदाधिकारियों ने शिरकत की और हड़ताल को समर्थन दिया ! इसके साथ ही निजीकरण के नुकसान बताए गए। कार्यक्रम को हरीश यादव, विजय कुमार सोनी, राजेश तिवारी, अश्विनी शर्मा, आई एल पुरोहित, प्रकाश अग्रवाल, एच एन जोशी, मनोज पाण्डेय, टेकवानी, रानावतजी, हरीश सोनी सहित कई संगठनो के पदाधिकारियों ने संबोधित किया। कार्यक्रम में बैंककर्मी बड़ी संख्या में शामिल हुए जिनमे नरेन्द्र सोलंकी, रमेश शर्मा, आतिश बोकाडिया, अविनाश यादव, अमित शुक्ला, जयश्री पानेरी, अदिता स्टीफन, श्रद्धा अग्रवाल, नितिन बैरागी, पीयूष चौधरी, जयप्रकाश, हिमांशु बघेल, विजय आहूजा, योगेश कोकरा, कामिनी राठौर, अमित गुप्ता, सुनील पाटिल, महेश छाबड़ा, मनोज कुमार गेहलोत, राघवेंद्र सिंह शक्तावत, अजय पंवार, अभय जैन, माधव राठी, वैभव मूणत, शुभम वागरेचा, प्रभात जैन, रवि कटारिया, राधिका बोरासी, राकेश गोयल, जीतेन्द्र सिंह गौड़, योगेश मीना, कपिल पंथी, आशिता सेठिया, सुरेश जेठानी, सौरभ जैन, कपिल पनितावाने, रवि, सुनील मेहता, नम्रता शुक्ला, गायत्री आर्या, गीतांजलि गोयल, सचिन राम्दुर्गेकर, संतोष धनेशा सहित अनेक बैंककर्मी उपस्थित रहे |




