कोरोना महामारी के दौर में सी टी स्कैन की जाँच के मुद्दे पर रतलामवासिओ ने बजायी सिटी…जानिए क्या कहता है रतलाम

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News By – नीरज बरमेचा & विवेक चौधरी 

रतलाम। कोविड नामक वैश्विक महामारी के दौर में न्यूज़ इंडिया 365 – खबरों का फीवर  रतलामवासियों के मन की बात आपके साथ साझा कर रहा है। पिछली बार लॉकडाउन के मुद्दे पर जनता के मन की बात जानी गई थी और इस बार का मुद्दा था सी टी स्कैन जाँच। जो कि कोविड के परिदृश्य में महत्वपूर्ण जाँच है। आशा है कि इस मुद्दे पर लोगों की राय को जिले के जिम्मेदार ध्यान देंगे और अपेक्षित सुधार करेंगे। 


आज के इस माहौल में जब देश का अधिकांश हिस्सा कोरोना के कारण त्राहिमाम त्राहिमाम कर रहा है तब हमारा रतलाम कैसे इससे अनछुआ रह सकता है ! इस बीमारी की सबसे मत्वपूर्ण जाँच है सी टी स्कैन चेस्ट, जो कि रतलाम में मात्र दो स्थानों पर ही होती है और वह भी 3500 , से 4000 रु में, एक आम आदमी के लिए इतना पैसा सिर्फ एक जाँच के लिए खर्च करना बहुत ही मुश्किल होता है, निश्चित रूप से प्रशासन को इसमें हस्तक्षेप कर इसका जाँच मूल्य कम करवाना चाहिए, या फिर शासन के आर्थिक सहयोग से ज़रूरतमंद को इसका लाभ मिल सके ऐसी कोई योजना तत्काल प्रभाव से बनाना चाहिए! साथ ही मेडिकल कॉलेज में भी शासन द्वारा सी टी स्कैन मशीन लगवाना चाहिए! यह सब तो शासन प्रशासन करेगा ही लेकिन हमारा भी तो कुछ फ़र्ज़ है कि हम कम से कम मास्क लगाकर स्वयं के साथ साथ दूसरों की भी सुरक्षा कर सकते हैं !  – दीपक डोशी, संचालक डोशी केमिस्ट


सी टी स्कैन के शुल्क को निर्धारित करने के साथ-साथ जिन प्राइवेट हॉस्पिटल में कोविड-19 का इलाज चल रहा है उनकी भी मॉनिटरिंग होना चाहिए की उनके द्वारा पेशेंट से किस प्रकार का शुल्क वसूला जा रहा है और और देखना चाहिए कि निर्धारित दर से ज्यादा शुल्क तो नहीं वसूल रहे शासन द्वारा निर्धारित सूची हॉस्पिटल पर लगा रखी या नहीं इसके अलावा ऐसी निजी लेबो को कोविड-19 की जांच की परमिशन दी जानी चाहिए जो विश्वसनीय हो जिससे सक्षम लोग यहां पर जांच करा सकेंगे और मेडिकल कॉलेज पर जांच का बहुत काम होगा जिससे वहां पर भी आसानी से जांच हो सकेगी और पेंडिंग नहीं रहेगी, मेडिकल कॉलेज पर जांच का बोझ कम होगा| –  अमित निगम, ब्यूरो चीफ स्वराज एक्सप्रेस, रतलाम प्रेस क्लब उपाध्यक्ष


शहर के जो भी निजी सी टी स्कैन सेंटर है, उन्हें प्रशासन को वर्तमान स्थिति को देखते हुए कुछ समय के लिये अधिकृत कर के न्यूनतम शुल्क पर रोगियो को यह सुविधा देनी चाहिए.. जितेंद्र सोलंकी, पत्रकार


कोराना की दुसरी लहर का व्यापक स्तर पर फैलना हम सब के लिए चिंता का विषय है । हमारे शहर में कोराना के मरीजो की संख्या में भारी बढोतरी देखी जा सकती है। कोरोना के मरीजो के इलाज में CT चेस्ट के स्कोर का महत्व है, इसलिए कोरोना के लक्षण वाले लगभग सभी मरीजो की सी टी स्कैन हो रही है! शुरुवात में ₹5500 मूल्य में हो रही थी, बाद में शोसल मिडीया पर विरोध के बाद रेट 3500 हुवे। 3500 रूपये भी ज़्यादा है, क्या उक्त जांच 1100 रुपये में नही हो सकती ?? रतलाम के पड़ासी शहर बांसवाडा मैं 1600 ₹ में हो रही है। तो फिर हमारे शहर में ऊचे दर में क्यो ? जिला प्रशासन को हस्तक्षेप जरूर करना चाहीए! CT स्केन संचालको को भी सोचना चाहीए की , आम आदमी कोराना काल में आर्थिक दिक्कतो से झुंझ रहा है! ऐसे में महंगी जांच व मंहगा इलाज बहुत तकलीफ देह होता है पक्ष एवं विपक्ष के जन-प्रतिनिधी भी मौन है, जबकी जनता की तकलीफ में जनता की आवाज बनना चाहिए, वे मूक दर्शक बने है, ये समझ से परे है। प्रकाश लोढ़ा – व्यवसायी,सामाजिक कार्यकर्ता, जीवमैत्री परिवार,रतलाम


निश्चित रूप से सी टी स्कैन कराने में प्रशासन का दखल होना ही चाहिए किसी व्यक्ति को कोरोना हुआ है तो सीटी स्कैन बहुत आवश्यक है आज वर्तमान मनमाने शुल्क लिए जा रहे हैं शासन के हस्तक्षेप से शुल्क कम होना चाहिए ताकि सभी लोगों को सीटी स्कैन कराने में सुविधा हो और मेरा तो यह मानना है कि मेडिकल कॉलेज में मुफ्त में सीटी स्कैन कराने की सुविधा सरकार के द्वारा की जाना चाहिए यदि मुफ्त में हम यह सुविधा नहीं दे सकते तो मिनिमम चार्ज पर यह सुविधा जल्द से जल्द होना चाहिए – मनोहर सिंह बारठ, मंडल मंत्री वेस्टर्न रेलवे एंप्लाइज यूनियन रतलाम मंडल



आज का जो विषय आपने दिया है सी टी स्कैन के बारे में उसमें मैं यह कहना चाहूंगा कि सीटी स्कैन की व्यवस्था मेडिकल कॉलेज में ही होनी चाहिए इस महामारी में सिटी स्कैन एक जरूरी जांच में शामिल हो गई है इसलिए प्रशासन व समाजसेवी संस्थाओं को मिलकर इसकी व्यवस्था मेडिकल कॉलेज में ही करनी चाहिए । पेशेंट को प्राइवेट सेंटर लाने ले जाने में बहुत असुविधा होती है एंबुलेंस की व्यवस्था भी नहीं हो पाती है और परिवार वालों को भी बहुत परेशान होना पड़ता है, सीटी स्कैन के लिए भी काफी इंतजार करना पड़ता है जिससे प्राइवेट सेंटर मनमानी फीस वसूल रहे हैं मैं समाज सेवी संस्थाओं से भी अनुरोध करूंगा कि वह भी प्रशासन के साथ समन्वय बिठाकर मेडिकल कॉलेज मैं ही जांच की व्यवस्था करवाएं। निजी सेंटरों पर जो जांच हो रही है उसमें भी प्रशासन को दखलअंदाजी कर राशि निश्चित करनी चाहिए जिससे कम आय वर्ग के लोग भी अपनी जांच करा सके। – संजय गांग, संचालक जैन कंप्यूटर रतलाम


कोरोना के चलते आपात स्थिति चल रही है रतलाम में मरीजों की जाँच के लिए अभी दो निजी सीटी स्कैन मशीन है आदरणीय विधायक जी व जिला प्रशासन से आग्रह है की शहर की इन दोनों निजी सीटी स्कैन मशीनो का तत्काल प्रभाव से अधिग्रहण किया जावे तथा न्यूनतम दर पर मरीजों को सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध करवाये। ताकि गरीबो को न्यूनतम मूल्य में सिटी स्कैन का लाभ दिला पाए बहुत लोग परेशान है| – सीमा टाक, भाजपा नेत्री


सी टी स्कैन जांच की प्रसाशन द्वारा मिनिमम दर पर निर्धारित होना चाहिए व जो राशी निर्धारित होती हैं उसे सार्वजनिक करना चाहिए और हो सके तो जिला रोगी कल्याण समिति द्वारा मेडिकल कॉलेज में ही सी टी स्कैन मशीन रोगी कल्याण समिति व जन सहयोग से राशी एकत्रित कर सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती हैं जिससे आमजनता को कॉफी सुविधा होगी व समय भी बचेगा – कृष्ण कुमार सोनी, अध्यक्ष भाजपा दीनदयाल मंड़ल, अध्यक्ष श्री ब्राह्मण स्वर्णकार समाज रतलाम


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कोरोना के नाम पर जो डर, दशहत का आतंक मचा रखा हे वो जग जाहीर हे हालांकी जनता भी कम लापरवाह नही है।  कोरोना जांचं मे महत्वपूर्ण है सी टी स्कैन ओर कमीशन बाजी के गोरख धंधे से वाकीफ ही हो|  40 % कमीशन डॉक्टर को मिलता है, जाँच की लागत को देखते हुये बहुत ज्यादा राशि वसुली जा रही है|  रतलाम मे मात्र 3 जगह C.H.L. जैन  दिवाकर, प्रीति सिटी स्केन, व मुकुंद डायग्नोसिस पर ही ये जाँच होती है मेडिकल कालेज के संधिग्ध पेशेंट का ज्यादातर “मुकुंद” पर भेजा जाता है जो 3500 रुपये लेता है ओर दुसरी जगह टाईम लेना पडता हे ओर इसके यहा 4 से 5 मेडिकल कालेज के पेशेंट हेतू फिक्स है ,खेर । जाँच आम जनता व बीमारी को देखते हुये नाम मात्र राशि मे होना चाहीये ताकी हर कोई करा सके कई लॉग चाहते हुये भी महंगी होने से इसको नही करा पाते है। सबसे पहले तो ये शासकीय स्तर पर अस्पताल या मेडिकल कालेज मे ही होना चाहीये ।ओर न्यूनतम दर सम्भवत 1000-500 ही होना चाहीये ,ये भी शीघ्रता से हो तो आम जनता के काम की है वरना “कोरोना” का असर कम होने के बाद ओचित्त्य हीन है।अखिलेश श्रोत्रिय, एडवोकेट (8269966700)


निश्चित ही गंभीर विषय है शासन प्रशासन को इस हेतु संज्ञान लेना चाहिए । शासन द्वारा रियायती दरों का निर्धारण करना चाहिए ताकि आम एवं खास सभी को इसका लाभ मिल सके। कही न कही शासन, प्रशासन राजनेता, प्रशासनिक अधिकारियों में इस विषय में इच्छा शक्ति की कमी नजर आ राही है नही तो अभी तक मेडिकल कॉलेज रतलाम में सीटी स्कैन मशीन आ चुकी होती !!! जिसका लाभ सभी गंभीर मरीजों को मिलता।
प्रतीक मजावदिया, अध्यक्ष अ. भा. पोरवाल सोशल ग्रुप


जिस प्रकार कोरोना दिन पर दिन अपने पैर पसार रहा है, वैक्सीन आने के बाद एवं इतने लोगो के वैक्सीनशन के बाद भी कम होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है , इस पर CT स्कैन जांच , रेमडेसीवीर इंजेक्शन जैसी जरूरी इलाज के नाम पर लूट मची हुई है, क्योकि GMC ओर स्थानीय प्रशासन कथित निजी संस्थानों के भरोसे बैठे है , स्थानीय चिकित्सा सुविधा की स्थिति एवं बढ़ती मौतों का आंकड़ा जग जाहिर है, सरकार को इस ओर ध्यान देने की अत्यंत जरूरत है , जब इस महामारी की चपेट में आने के बाद हर प्रक्रिया का एक प्रोटोकाल सरकार ने तय कर रखा है तो फिर इलाज से जुड़ी जांचे और दवाई के मूल्य भी सरकार को तय करने चाहिए, जिससे आम जनता इस अंधी लूट का शिकार होने से बच सके।
विकास जैन, उपाध्यक्ष- रतलाम अकॉउंटेंट्स असोसिएशन, वित्त एवं प्रशासन – माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल,रतलाम


रतलाम प्रशासन से निवेदन है कि जब तक रतलाम शहर में सरकारी सी टी स्कैन की व्यवस्था नहीं हो जाती है तब तक प्राइवेट सिटी स्किन की मशीनों की जाँच का मूल्य सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर किया जाना चाहिए, क्योंकि कोविड में संक्रमण की दर को पता करने के लिए सिटी स्कैन ही एक मात्र माध्यम है और गरीब जनता जिसके लिए रु. 4000 से  ₹5000 की राशि देना मुमकिन नहीं है|  इस हेतु प्रशासन से निवेदन है कि उसकी दरें निर्धारित करें ताकि आम जनता उससे परेशान ना हो| –  सुमित कटारिया – व्यवसायी 


मेरा प्रशासन से निवेदन है रतलाम शहर में जो सीटी स्कैन सेंटर है जहां पर सी टी स्कैन के नाम पर रु. 3000 से 5000 तक जनता से वसूल किए जा रहे हैं उस पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन को दोनों सीटी स्कैन सेंटर को अपने अधीन करके एक न्यूनतम राशि जैसे ₹200 करके आम जनता के हित में शुरू करना चाहिए इसका फायदा यह होगा कि जो आम जनता इतनी बड़ी राशि नहीं दे सकती है वह निसंकोच उन केंद्रों पर जाकर अपनी जांच करा सकती है इसलिए मेरा प्रशासन से निवेदन है इस पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और यह रतलाम शहर के हित में रहेगा|
संदीप मेहता, आलीशान गारमेंट्स, डालुमोदी बाज़ार


शिक्षा और स्वास्थ्य आम नागरिक का मौलिक अधिकार है, कोरेना काल मे जहाँ स्वास्थ्य के ऊपर खतरा कई गुना बढ़ा हुआ है, आम आदमी के जीवन के हर पहलू को इस महामारी ने अपनी चपेट में ले लिया है, ओर आर्थिक रूप से भी पूरा कमजोर हो गया है, ऐसे में लोगो को पर्याप्त चिकित्सा सेवा प्रदान करवाना शाशन ओर सरकार का संवैधानिक दायित्व है, इसके लिए जो भी जरूरी कदम हो उठाने चाहिए| हरीश जोशी, अध्यक्ष– खुशी एक पहल, वेलफेयर सोसायटी, व्यवसाय– माँ सागर होटल & रेस्टोरेंट


जो व्यक्ति सरकार द्वारा निर्धारित केंद्रों पर कोरोना की जांच कराते हैं और कोरोना पॉजिटिव पाए जाते हैं सिर्फ उन्हीं व्यक्तियों को सीटी स्कैन की जांच में रियायत दी जानी चाहीये। वरना जिस प्रकार अभी रतलाम शहर में लगभग 100 सीटी स्कैन रोज हो रहे हैं और उनमें से कई व्यक्ति घर पर ही अपना इलाज करवा रहे हैं अगर सिटी स्कैन में रियायत दी जाती है तो अधिकांश लोग सिटी स्कैन करवा कर घर पर ही इलाज चालू कर लेंगे और शहर में अन्य लोगों को संक्रमित करेंगे। – निखिल माहेश्वरी, किराना व्यवसायी


बिल्कुल नियंत्रित होने चाहिए। GMC रतलाम से रेफर किये गए मरीज का CT स्केन शुल्क 3500/- लेते है। जबकि कोई अन्य कराना चाहे तो 4500/-। उपरोक्त राशि मे अंतर का क्या औचित्य है, यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। – दीपक जाट, (भारतीय डाक विभाग में कार्यरत)


कोरोना की इस मार मे इंसान पहले ही परेशान है और ऊपर से CT SCAN की जाँच के रेट बहुत ज्यादा है| प्रशासन को इसमे हस्तक्षेप करना चाहिये.. रेट कम करना चाहिए जिससे इलाज खर्च का बोझ कम हो| और साथ ही CT Scan मशीन मेडिकल कॉलेज मे जल्द से जल्द लगनी चाहिये| – मनोज उपाध्याय, पूर्व अध्यक्ष, रोटरी क्लब रतलाम प्राइम


कोरोना के चलते आपात स्थिति चल रही है, रतलाम में मरीजों की जाँच लिए अभी दो निजी सीटी स्कैन मशीन है मेरा जिला प्रशासन से आग्रह है की शहर की इन दोनों निजी सीटी स्कैन मशीनो का तत्काल प्रभाव से अधिग्रहण किया जावे तथा न्यूनतम दर पर मरीजों को सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध कराएं| – राकेश पोरवाल, पत्रकार एवं फोटोग्राफ़र, उपाध्यक्ष – रतलाम प्रेस क्लब 



मेरी रॉय में तो सिटी स्कैन की जाँच केंद्रों पर एक सरकारी ऑफिसर को नियुक्त करने चाहिए, जो भी लागत हो उस पर उचित मार्जिन जोड़कर रेट लेना चाहिए ताकि नुकसान दोनों का ही नही हुए जिस किसी की सिटी स्कैन का स्कोर 5 से ज्यादा आता है तो उसे कोरोना पॉजिटिव माना जाए और जो भी सिटी स्कैन हो रहा है उनकी फैमिली के कोरोना टेस्ट कराए जाएं ताकि कोरोना प्रसार को रोका जा सके। साथ ही प्रशासन को लॉकडाउन लगाए तब साथ मे कोरोना टेस्ट में वृद्धि करना चाहिए। साथ ही पिछले लॉक डाउन से प्रशासन को ये समझना चाहिए की लॉकडाउन समस्याओं को बढ़ाएगा न कि घटाएगा। – अर्पित गांधी – व्यवसायी – मगनशांति टेक्सटाइल 


वर्तमान कोरोना काल के दौर में लगभग हर पेशेंट को आरटी पीसीआर के बाद सी टी स्कैन कराना आवश्यक हो गया है ताकि मालूम हो सके बीमारी किस स्तर तक फैली हुई है और कई बार मरीज को पूरे ट्रीटमेंट के दौरान दो से तीन बार भी सी टी स्कैन करानी पड़ती है जिसमें वर्तमान दौर में लिया जाने वाला शुल्क ₹3500 काफी ज्यादा है कई बार संडे या लॉकडाउन के दौरान यह शुल्क और भी बढ़ा दिया जाता है जो कि मरीजों पर एक अनावश्यक भार है यह शुल्क कोविड-19 की वर्तमान अतिसंक्रमणकारी स्थिति को देखते हुए ₹2000 से ज्यादा नहीं होना चाहिए जिससे मरीज को आर्थिक राहत मिले। – अभिषेक लोढ़ा, संस्थापक सदस्य- संकल्प संस्था, सदस्य- जीव मैत्री परिवार


वर्तमान में कोरोना संक्रमण हमारे शहर में तेजी से पैर पसार रहा है। RT PCR टेस्ट से पॉजिटिव या नेगेटिव तो पता लग जाता है मगर इन्फेक्शन का स्तर पता करने के लिए सीटी स्कैन आवश्यक है।जिला चिकित्सालय या मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध नही है इसलिए मरीजो को प्राइवेट सेंटर के भरोसे ही रहना पड़ रहा है। 3000 से 4000 रुपये सीटी स्कैन के लग रहे है जिससे आम जनता की जेब ढीली हो रही है।मेडिकल कॉलेज में फिलहाल सीटी स्कैन मशीन लगने की कोई उम्मीद नही लग रही क्योंकि पहले मशीन खरीदना,स्टाफ की नियुक्ति करना इन सब मे काफी समय लगना है।ऐसे में प्रशासन से अनुरोध है कि प्राइवेट सेंटर से मीटिंग कर एक उचित दर तय करे ताकि आम जनता पर बोझ न बड़े।सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से गरीबो के लिए निशुल्क व्यवस्था पर भी विचार करना चाहिए। – विवेक अग्रवाल, रेडीमेड गारमेंट व्यवसायी, डालूमोदी बाजार


आपके प्रश्न का विषय वाकई वर्तमान परिस्थिति के अनुसार गरीब आमजन को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष सहायता की ओर सांकेतिक है! सम्भवतः प्रशासन को केवल सिटी स्किन ही नही अपितु समस्त ऐसी जाँचे जो आम जन की जद से बाहर है को हस्तक्षेप कर निशुल्क ,या अल्पशुल्क ,करनी ही चाहिए,साथ ही समस्त आयुष्मान कार्ड धारकों को वर्तमान परिस्तिथि के अनुसार ,सभी जाँचो को सुलभ ओर निशुल्क करना चाहिए ,आपका विषय सराहनीय, व स्वागत योग्य है| – एजाज़ शैख़ (पत्रकार), & सदर अंजुमन इस्लामिया कमेटी पिपलोदा


फीस निर्धारित होने के साथ साथ अधिक फीस लेने वाली संस्था के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो.. CT स्कैन सेंटर पर मीडिया हेल्पलाइन के नम्बर लिखें होना चाहिए ताकि पीड़ित मरीज या परिजन संपर्क कर सके|
अल्ताफ अंसारी, Pradesh Tv24 (7869324847)


प्रशासन को CT स्कैन के शुल्क को वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार जो परिवार गरीब है उनको निःशुल्क एवं मध्यम परिवारों के लिए कम से कम शुल्क में उपलब्ध कराई जाए । ओर हो सके तो मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाए। – लोकेश कुमार जैन, प्राकृतिक चिकित्सक


आज के इन मुश्किल भरे हालात में निश्चित ही CT Scan का न्यूनतम संभावित शुल्क रखा जाना चाहिए । जो कि इस पेशे की गरिमा और नैतिक जिम्मेदारी को भी बरकरार रखेगा।
अजय कुमार उपाध्याय, केनरा बैंक रतलाम, सहायक शाखा प्रबंधक


सी टी स्कैन जांच पर अवश्य सरकारी नियंत्रण एवं रियायत होनी चाहिए क्योंकि है जांच खर्चीली होने के साथ ही निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवार पर बहुत ज्यादा आर्थिक बोझ डालती हैं जब कोरोना के लिए प्रशासन द्वारा रोज इतनी व्यवस्था की जा रही है तो इस व्यवस्था पर भी उन्हें ध्यान अवश्य देना चाहिए और साथ ही प्रशासन को चाहिए कि वह अपने बलबूते पर सीटी स्कैन मशीन की व्यवस्था कर कोविड-19 रोगियों को रियायती दरों पर जांच की व्यवस्था करें जिससे शुरुआती लक्षण जल्द से जल्द पता चले| – विनीत पिपाड़ा,  अध्यक्ष जैन सोशल ग्रुप रतलाम युथ


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सी टी स्केन जाँच के शुल्क पर शासन को तत्काल प्रभाव से नियन्त्रण में करना चाहिए, 1वर्ष से कोरोना की मार झेल रहे आमजनों को कई अर्थिक रुप से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन प्राईवेट ईलाज के नाम पर लुट मची हुई है। – सुरेन्द्र सिंह भाटी, प्रदेश मिडिया प्रभारी, श्री राजपूत करणी सेना(मूल)


जहाँ इस महामारी से सभी लोग चिंतित है, कोरोना की जांच के लिए सीटी चेस्ट (HRCT), इंफेक्शन को दर्शाती है उसकी दर सभी जगह अलग – अलग है, जबकि WHO ने इसे इस सदी की सबसे बड़ी महामारी कहाँ है, ऐसे में सरकार एवं प्रशासन को आम जनता के हित मे इसके सभी जगह एक मूल्य निर्धारित करवाना चाहिए, क्योकि सरकारी अस्पताल एवं सरकारी मेडिकल कॉलेज में यह मशीन नही है, प्रायवेट में ही पीड़ित को जांच करवाना पड़ रही है, वह भी कही 3500 में और कही 5500 में| जो कि सामान्य व्यक्ति के लिए काफी महंगी है, सरकार लॉक डाउन का निर्णय तो लेती है, पर निजी अस्पतालों पर कोई निर्णय नही लेती| इस और ध्यान जरुरी है। – हितेश वागमार, जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय अल्प बचत(डाकघर) अभिकर्ता संघ


यह बहुत आवश्यक और समय की मांग है कि सरकार सीटी-स्कैन के साथ अन्य सभी चिकित्सा सम्बन्धी आवश्यकताओं के लिए कुछ सीमित मूल्य सीमा निर्धारित करे। तभी हम काला बाज़ारी को नियंत्रित कर सकते हैं और आम आदमी की जरूरत को पूरा कर सकते है। यह कदम जरूरतमंद लोगों के इलाज के लिए कारगर होगा। – अर्पित बोथरा


सी टी स्केन की सुवीधा मेडीकल कालेज एवं सिविल हास्पीटल मे भी होनी चाहीए, जीससे आम आदमी प्रायवेट जाँचके खर्च से बच सके एवं प्राइवेट जांच वालो के ऊपर भी लगाम लगाना चाहिए शुक्रवार को मे अपनी माता जी को लेकर प्रीति सी टी स्केन पर गया, तो उन्होने मुझसे एमरजेंसी के नाम पर 4200 रु की मांग की|  जो की आम दिनों मे वो जाँच 3500 रु मे हो रही है इंनकी ये मन मर्जी को रोकना जरुरी है| – महेश कोठारी, पेलेस रोड (9424593005)


कोरोना की महामारी के दूसरे दौर में होने वाली जरूरी जांच सी टी स्कैन के शुल्क में प्रशासन को दखल कर शुल्क नियंत्रण कर जांच का शुल्क निर्धारित करना चाहिए एवं शासन द्वारा निर्धारित शुल्क से ज्यादा शुल्क वसूलने वाले हॉस्पिटल और लैब पर कानूनी कार्रवाई की जाना चाहिए| – नितेश शर्मा, जिला मिडिया प्रभारी, आंचलिक पत्रकार संघ रतलाम जिला


बिल्कुल इस विषय मे सरकार को हस्तक्षेप कर होने वाली लूट को सामाजिक द्रष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए रोकना चाहिए… ये एक बहुत ही अच्छा कदम होगा, हर कोई आम इंसान इतने पैसे खर्च नही कर सकता…यह आम जन की स्वस्थ जीवनशैली भारत को समृद्ध बनाने में बहुत बड़ा योगदान देने वाला कदम होगा| – दिलीप तातेड़, असिस्टेंट, बैंक ऑफ़ इंडिया


कोरोना की दूसरी लहर में कुछ जरूरी जाँच जैसे CT SCAN प्राइवेट लैब में काफी महंगी हो रही है इसकी तरफ रतलाम प्रशासन को ध्यान देना चाहिए और इन जाँचो को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराना चाहिए ताकी महामारी के इस दौर में बेरोजगारी ओर बीमारी की मार झेल रही आम जनता पर इन जाँचो का बोझ ओर ना बढ़े। – चिराग कटारिया, व्यवसायी


हमारा देश अभी एक बहुत विकट समस्या से गुजर रहा है ऐसे में आपदा को अवसर न समझते हुए सभी सहयोग की भावना को ध्यान में रख कर कार्य करना चाहिए कोरोनो कि विषम परिस्थिति में CT SCAN का शुल्क निश्चित करना चाहिए जैसे टीकाकरण का शुल्क सामान्य रखा गया है उसी प्रकार CT SCAN का शुल्क भी उचित निर्धारित किया जाना चाहिए जिससे प्रत्येक वर्ग को लाभ हो सके और सभी को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। – हेमंत कोठारी, कपड़ा व्यापारी


कोरोना महामारी की संख्या मैं वृद्धि को देखते हुए सीटी स्कैन चार्ज नियंत्रित किया जाना चाहिये, ताकि गरीब व्यक्ति भी इसका लाभ उठा सकें| डी पी आंजने, एजीएम एच आर – इप्का लैबोरेट्रीज


कोरोना महामारी की दूसरी लहर में प्रशासन को जरुरी जाँच CT स्कैन के शुल्क को नियंत्रित करने की सख्त ज़रूरत है, क्योकि की निजी जॉच लैब आपदा को अवसर बनाने का काम कर रही है| जिससे गरीब माध्यमवर्गीय परिवारों को ना चाहते हुए भी मनमानि का सामना कर आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। क्योकि लॉकडाउन से पहले ही सभी की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा चुकि हे तो प्रशासन से अनुरोध हे की इस और भी जरा सा ध्यान दे। – मोहित गोयल, निजी कर्मचारी


C T scan मैं हो रही मनमानी को प्रशासन द्वारा दखल देकर रोका जाना चाहिए इसके प्राइस निर्धारित करना चाहिए क्योंकि जब कोरोना बीमारी चालू हुई तब सीटी स्कैन 5000 से ₹6000 में हो रही थी और अब वही सीटी स्कैन 3000 से 4,000 में हो रही है यानी कितना झोल हो रहा है पहले ही तो व्यक्तियों के पास पैसा नहीं है और ऊपर से लोग डाउन लगाकर लोगों की आर्थिक स्थिति को और बिगाड़ रहे हैं| एक सुझाव और है प्रशासन को प्रत्येक वार्ड में एक मोहल्ला क्लीनिक सरकार द्वारा संचालित करना चाहिए जिससे वार्ड वार्ड में हो रहे व्यक्ति बीमार है अपना इलाज निशुल्क करा सके और कोरोना का रोकने का एक छोटा सा प्रयास किया जा सकता है| – दीपक राठौड़, फुल माला व्यवसाय


CT स्कैन करवाना हर किसी के बस कि बात नहीं है अमीर इंसान चाहे तो हर सप्ताह में सी टी स्कैन करवा सकता है लेकिन गरीब कम पेसे और अधूरे ज्ञान कि वजह से उसे पता ही नहीं चलता कि यह टेक्नोलॉजी हमारे लिए कितनी उपयोगी है | अगर शुल्क कम करेंगे तो हर इंसान इस तकनीकी के बारे मै जान सकेगा और उपयोग भी कर सकेगा और अपने परिवार के हर सदस्य को अपने पास जीवित पाएगा.. | – राज सेन, आर्टिस्ट, रतलाम फ़िल्म इंडस्ट्री


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बिल्कुल सही है प्रशासन को “CT-SCAN”के शुल्क को नियंत्रित करना चाहिए ! Covid-19 कि वजह से आम लोगों कि आमदनी कम हो गई है। व्यापार व रोजगार पर असर हुआ है। कितने लोगों कि नौकरी चली गई। व्यापार बंद करने पड़े।”आमदनी अठन्नी खर्चा रूपया।” – अमित शर्मा, फार्मासिस्ट


प्रशासन को प्राइवेट और सरकारी अस्पताल दोनो पर ही कम मूल्य पर सी टी स्कैन जांच उपलब्ध कराना चाहिए । और मेडिकल कॉलेज के अंदर ही इसकी व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए ताकि मरीजों को आने जाने की समस्या न हो | – एडवोकेट संजय राठौर


रतलाम में सी टी स्कैन के चार्ज रु. 2500 होना चाहियें पहले भी जिला कलेक्टर ने रेट फिक्स किये थे| – पारस कोठारी  वाईस प्रसिडेंट जैन सोशल ग्रुप ग्रेटर 


वर्तमान में कोरोना माहमारी एक भयावाह रुप लेकर उभरी हे । इस आपदा के समाधान के लिए हर किसी वर्ग को आगे आना चाहिए परन्तु खास तोर पर मेडिसिन क्षेत्र के लोगों ने इस आपदा को अवसर बना के लूट खसोट मचा रखी है । सीटी स्केन की जांच की मनमानी रकम वसूल रहै है । शासन को इस रकम का एक मानक तय कर जांच कर्ता को आदेशित करे कि यदि मानक से ज्यादा राशि वसूल करते हैं तो आपके कारोबार को कानूनी प्रक्रिया के तहत तत्काल बाधित कर अवैध करार दिया जाएगा । शासन का इस मामले हस्तक्षेप करना नितांत आवश्यक है। – विश्वामित्र सिंह पंवार,  उच्च श्रेणी शिक्षक माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 डोंगरे नगर रतलाम


रतलाम शहर में सीटी स्कैन मशीन की सख्त आवश्यकता है इस आवश्यकता की पूर्ति के लिए जिले के चारों विधायकों को अपनी विधायक निधि से सीटी स्कैन मेडिकल का मशीन मेडिकल कालेज को मुहैया करवाना चाहिए| – रशीद कुरेशी, मध्य प्रदेश मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन सचिव



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