News By – विवेक चौधरी
रतलाम (सोमवार)। जिस कोरोना वायरस के चक्कर मे पिछले वर्ष के मार्च माह से पूरा देश परेशान है और जिसकी दूसरी लहर ने हमारे शहर रतलाम को भी झकझोरकर रख दिया है तथा जिसकी वजह से शहर लॉकडाउन एवं सख्त ई-पास वाली व्यवस्था से गुजर रहा है, उसी वायरस से कोई संक्रमित है या नहीं इसकी जाँच अब मुश्किल हो रही है। जब रतलाम में संक्रमण घटने लगा तब प्रशासन अचानक सख्ती के लिए सक्रिय होने लगा। यद्धपि घटते संक्रमण का एक कारण कुछ लोग घटते टेस्ट भी बता रहे थे लेकिन संक्रमण संख्या में कमी की संतुष्टि सब प्रश्नों पर भारी थी। ऐसे में अचानक सख्त लॉकडाउन की व्यवस्था किसी के गले मे नहीं उतरी। रतलामवासी सामान्यतया शांतिप्रिय और सहयोगी प्रकृति का है इसलिए उसने इस नए नियम को अनमने भाव से स्वीकार कर लिया। लेकिन विगत दिनों इस अव्यवस्थित और अव्यवहारिक नीति की नीयत पर ही सवाल उठने लगे है।
जिस कोविड की बीमारी की वजह से यह सब दिन देखने पड़ रहे है उसकी जाँच कराने के लिए भी ई-पास आवश्यक कर दिए गए। बिना ई-पास वालों को कोविड जाँच से मनाकर दिए जाने के गंभीर आरोप लगे। सोमवार को तरणताल पर जाँच को लेकर हंगामा हुआ। जिसमें भाजपा की तेजतर्रार महिला नेत्री सीमा टांक ने मोर्चा संभाला। और जनता की आवाज़ बनी। उन्होंने कुछ दिन पहले ही कलेक्टर को इस नियम पर पुनर्विचार करने के लिए पत्र लिखा था। बिना ई-पास वालों की कोविड जाँच ना करने की बात करना समझ से परे है। इसी बीच जिला अस्पताल स्थित फ़ीवर क्लिनिक को अचानक बंद कर दिया गया, वो भी बिना किसी पूर्व सूचना के। जानकारी जुटाने पर पता चला कि इसे पोलो ग्राउंड स्थित अंबेडकर भवन पर स्थानांतरित कर दिया गया हैं। जिससे लोग परेशान होते रहे। जिम्मेदारों से बात करने के बाद इस बाबत एक व्हाट्सएप मैसेज मिला। गंभीर और आपातकालीन चिकित्सीय परिस्थिति में बिना पास के उपचार के लिए आ सकने की बात जिले के आला अधिकारियों ने कही। वहीं एक किडनी के मरीज ने बताया कि उन्होंने नियमित रूप से होने वाले डायलिसिस के लिए ई-पास के लिए आवेदन किया तो उनका आवेदन रिजेक्ट कर दिया गया। क्या अब ई-पास जारी करने वाले यह तय करने लगे है कि किसका किडनी डायलिसिस होना चाहिए या नहीं? ई-पास की व्यवस्था पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी विचारणीय है और जनता में चर्चा का विषय भी हैं। वहीं दबे स्वर में ही सही लेकिन यह प्रश्न उठा कि क्या जाँच घटाकर संक्रमितों की संख्या घटाई जा रही है। मौतों की संख्या तो घट नहीं रही है? यद्यपि सोमवार की रिपोर्ट में मात्र नए 52 संक्रमित मिले और कोरोना मृतकों की संख्या भी घटकर 1 ही रही। बात जो भी हो, जिले में संक्रमितों की संख्या प्रतिदिन घट रही है जो एक राहत की बात हैं।





