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रतलाम के चैतन्य टेक्नो स्कूल में यूनिफॉर्म और किताबें जब्त, जानिए क्या है मामला…

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News by – विवेक चौधरी

रतलाम। हम माता पिता अभिभावक की यह इच्छा रहती है कि उनके बच्चे अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सकें और जिंदगी में कोई मुकाम हासिल कर लें। लेकिन इसके पीछे उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई का दोहन होता है यह शायद कम ही जानते होंगे। वर्तमान शिक्षा तंत्र में अभिभावक बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए शोषित होते ही नज़र आते है। सरकारी स्कूलों की तुलना में निजी स्कूलों में बेहतर शिक्षा मिलेगी, इस आशा में अभिभावक स्कूलों के हर आदेश निर्देश मानने को बाध्य हो जाते है। उनकी मजबूरी होती है कि वो उनके बच्चों को अच्छे स्कूलों में भेजना चाहते है।

चैतन्य टेक्नो स्कूल पर कार्यवाही

रतलाम के सैलाना रोड स्थित ने बड़े नाम वाले स्कूल में जिला प्रशासन ने एक सराहनीय कार्यवाही की जिसमें स्कूल से बड़ी मात्रा में यूनिफॉर्म, ब्लेजर, और प्राइवेट पब्लिकेशन की पाठ्यपुस्तकें जब्त की है। आरोप तो यहाँ तक है कि ये वस्तुएं उनके वास्तविक मूल्य से ज्यादा पर बेची जा रही थी। सूत्रों के अनुसार नियमों के विपरीत पाठ्य पुस्तकों का विक्रय किया जा रहा था। कलेक्टर राजेश बाथम को शिकायत मिलने पर उनके निर्देश पर प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा स्कूल में रविवार को दबिश दी गई और जब्ती की कार्यवाही की गई है। विगत दिनों अन्य नाम से संचालित इसी स्कूल में फीस बढ़ाने की भी शिकायत मिली थी, जिस पर कार्यवाही की गई थी।

अन्य निजी स्कूलों पर एक्शन क्यों नहीं?

रतलाम के अन्य निजी स्कूलो के संदर्भ में भी इस प्रकार की शिकायतें मिलती आई है लेकिन उनपर प्रशासन और शिक्षा विभाग की ना तो निगाहें जाती है और ना उन्हें शिकायत सुनाई देती है। एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम से हटकर महंगी पाठ्य पुस्तकें, कंप्यूटर ड्राइंग और वैल्यू एजुकेशन के नाम पर महंगी किताबें खरीदने को बाध्य किया जाता है। एक स्कूल में तो एक बच्चा सप्ताह के 6 दिन में 3 तरह की यूनिफॉर्म पहनता है। भारी बस्तों के बोझ से बच्चों के कैसे मुक्ति मिले, इसपर प्रशासन कब गम्भीर होगा? चैतन्य टेक्नो पर की गई कार्यवाही का स्वागत है लेकिन प्रशासन को अन्य निजी स्कूलों पर समान रूप से कार्यवाही कर महगांई इस दौर में माता पिता अभिभावकों को राहत दिलानी चाहिए।

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