रक्तदान-महादान परिकल्पना हुई साकार : एमबीडीडी ने रचा इतिहास फिर एक बार

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News By – नीरज बरमेचा 

तेरापंथ युवक परिषद के स्थापना दिवस पर देश-विदेश में लगाए गए रक्तदान शिविर

रतलाम, 17 सितंबर। रक्तदान : जीवनदान की परिकल्पना को साकार कर एक बार फिर मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव एमबीडीडी ने इतिहास रच डाला है। आचार्य श्री महाश्रमण जी के मंगल आशीर्वाद से सेवा संस्कार संगठन के क्षेत्र में कार्यरत अग्रणी संगठन अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् ने शनिवार को पूरे भारत और साथ ही 22 अन्य देशों में एक साथ रक्तदान के शिविरों का आयोजन किया। देश भर में हुए शिविरों में राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने मौजूद रह कर रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया। वहीं कई गणमान्य व्यक्तियों ने खुद भी रक्तदान कर इस पुनीत भागीरथी प्रयास में अपना सहयोग दिया। शिविर में युवाओं ने जहां बढ़-चढ़  कर भाग लिया, वहीं महिलाएं भी किसी से पीछे नजर नहीं आई। शिविरों में एकत्र ब्लड के स्टोरेज की व्यवस्था के लिए स्थानीय स्तर पर ब्लड बैंक के साथ तालमेल रखा गया था। शिविर में एकत्र ब्लड ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों के काम में आ सके इसके लिए अभातेयुप अपनी सभी इकाइयों में मॉनिटरिंग करने के साथ-साथ तालमेल बैठाने में सहयोग भी करेगी।


अभातेयुप  राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज डागा ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश ने कोविड की जंग को जीता। सम्पूर्ण देश की जनता को वेक्सीनेशन किया गया। अब इस रक्तदान अभियान के माध्यम से सम्पूर्ण भारत में एकता व रक्तदान के प्रति जागरूकता का संदेश प्रसारित करने के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभातेयुप जैसी गौरवशाली संस्था को प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्रदान किया था। शनिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव में सहयोग दिया गया।

एमबीडीडी राष्ट्रीय संयोजक हितेश भांडिया ने बताया कि इस मेगा आयोजन में  भारत के विभिन्न शहरों, जिला मुख्यालयों तथा 22 अन्य राष्ट्रों में भी रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इस महाअभियान के साथ सैंकड़ों की संख्या में स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग अभातेयुप को मिला। रक्तदान कैंप में डाटा संकलन का काम भी ऑनलाइन किया गया। सभी शिविरों के आंकड़े देर रात तक अपडेट होते रहे।

युवक परिषद अध्यक्ष सिद्धार्थ गाँधी ने बताया की रतलाम जिले मे संस्था द्वारा शिविर 4 स्थानों पर आयोजित किया गया। जिसमे शहर स्थित रोटरी हॉल, जावरा मे सिविल हॉस्पिटल, बीरमावल मे मांगलिक भवन व रावटी में डा. राय के सामने आयोजित किया गया। सवेरे से लेकर देर शाम तक चले शिविर में 820 यूनिट ब्लड एकत्र किया गया। रक्तदान शिविर के आयोजन में भारतीय जनता युवा मोर्चा, बड़ावदा सेवा समिति, जन अभियान परिषद, रक्तदान महादान ग्रुप, लीओ क्लब, बोहरा समाज, लायंस क्लब, रोटरी क्लब, समस्त जैन सोशल ग्रुप, दि न्यू क्लॉथसूरत मार्केट एसोसिएशन, सेवा भारती आदि द्वारा सहयोग किया गया।

मंत्री व मध्यप्रदेश प्रभारी अभिनव बरमेचा ने बताया कि शिविर में मुख्य रूप से सांसद गुमानसिंह डामोर, विधायक चैतन्य कश्यप, महापौर प्रहलाद पटेल, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष विप्लव जैन, शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेन्द्र कटारिया, युवक कांग्रेस अध्यक्ष मयंक जाट, जिला न्यायाधीश राजेश गुप्ता, कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी, निगम आयुक्त अभिषेक गेहलोत, सिविल सर्जन डा. आनंद चंदेलकर, रेडक्रॉस से महेन्द्र गादिया, डॉ. वर्षा कुरिल,   अभातेयुप कार्यसमिति सदस्य पुनीत भंडारी, सभाध्यक्ष दिलीप मांडोत आदि मौजूद रहे। शिविर रक्तदान को लेकर महिलाओं मे विशेष जागरूकता रही। लगभग 375 रक्तदाताओं ने प्रथम बार रक्तदान किया। लगभग 180 से अधिक व्यक्ति हीमोग्लोबिन या और कोई कारण से रक्तदान नहीं कर पाये।

अभातेयुप के नाम है पहले से रक्तदान शिविर लगवाने का रिकॉर्ड

अभातेयुप के राष्ट्रीय महामंत्री पवन मांडोत ने बताया कि संस्था ने 17 सितम्बर 2012 को एक दिन में देश के 276 शहरों एवं कस्बों में 651 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 96,600 यूनिट रक्त संग्रह का कीर्तिमान रचा था। संस्था ने 6 सितंबर 2014 को देश के 286 स्थानों पर 682 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 100212 यूनिट रक्तदान के साथ अपना नाम गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाया था। सन् 2016 में एक वर्ष तक निरंतर 366 दिन तक 410 स्थानों पर 468 रक्तदान शिविरों के साथ विश्व के सबसे लंबे समय तक निरंतर चलने वाले रक्तदान अभियान के रूप में इण्डिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ। सन् 2020 में कोविड-19 की विकट परिस्थितियों व लॉकडाउन की स्थिति में भारत सरकार के अनुरोध पर 55000 यूनिट रक्तदान एवं एक माह में 2000 प्लाज्मा डोनेशन के साथ एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, इण्डिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, ग्लोबल रिकॉर्ड एण्ड रिसर्च फाउण्डेशन, एशिया पेसिफिक रिकॉर्ड्स और ग्लोबल रिकॉर्ड्स में अभातेयुप का नाम दर्ज हुआ।

अभातेयुप : एक परिचय
 
अभातेयुप मानव सेवा के लिए समर्पित एक गैर सरकारी संगठन है, जो समाज और मानव जाति की बेहतरी की दिशा में काम करता है। अभातेयुप आचार्य श्री महाश्रमण जी की मंगल प्रेरणा से सेवा, संगठन और  संस्कार के विविध आयामी गतिविधियों के माध्यम से युवा पीढ़ी को बेहतर इंसान बनने के लिए तैयार करता है।
 अभातेयुप के मानव सेवा को समर्पित आयाम

आचार्य तुलसी डायग्नोस्टिक सेंटर, नेत्रदान और युवा वाहिनी जैसे सेवा के उपक्रम संगठन को ऊंचाइयों की ओर ले जा रहे हैं। गुरुदेव के विराट चिंतन को मूर्त रूप देने के लिए आचार्य तुलसी डायग्नोस्टिक सेंटर के माध्यम से जनसेवा का बड़ा उपक्रम चल रहा है। नेत्रदान में भी निरंतर देशभर में डोनेशन करवाए जा रहे हैं जिससे लोगों को रोशनी मिल सके। प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में संस्थान की प्रेरणा से नेत्रदान करवाया जाता है। जैन संस्कार विधि, सामायिक साधक,  तपोयज्ञ,  जैन विद्या, सीपीएस, फिट युवा और युवा दिवस जैसे संस्कार निर्माण के उपक्रम की निरंतरता संगठन की मजबूती है। तेरापंथ टास्क फोर्स के रूप में आपदा और विपदा से लड़ने के लिए तेरापंथ के युवकों और किशोरों की टास्क फोर्स एक संगठन के रूप में कार्य कर रही है। भारत सरकार की नेशनल डिसास्टर रिस्पॉन्स फोर्स से प्रशिक्षित युवकों को तेरापंथ टास्क फोर्स में शामिल किया जाता है।विश्व की 86सर्वाधिक रक्तदाता संस्था के रूप में परिचित अभातेयुप का मानव सेवा के क्षेत्र में एक बड़ा आयाम मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव है। रक्तदान के बड़े अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड संस्था के नाम है। संस्थान के प्रयासों से कोरोना काल में भी मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव के माध्यम से देशभर में प्लाज्मा डोनेशन करवा कर कई मरीजों की जान बचाई गई।


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