News By – नीरज बरमेचा
रतलाम। सम्मेद शिखर जी तीर्थ को पर्यटन स्थल घोषित करना सर्वथा अनुचित है। इससे समग्र जैन समाज व सर्व समाज में रोष है। विधायक चेतन्य काश्यप ने कहा कि भारत में तीर्थ स्थलों को पावन भूमि के रूप में पूजा जाता है, मैं झारखंड सरकार को आगाह करता हूं कि इसे पर्यटन स्थल नहीं बल्कि संपूर्ण तीर्थ क्षेत्र को पवित्र तीर्थ क्षेत्र घोषित किया जाए। रतलाम में जैन समाज के द्वारा आयोजित प्रदर्शन में लखनऊ प्रवास पर होने से स्वयं इसमें शामिल नहीं हो पा रहा हूं। मैं रतलाम के समस्त धर्म प्रेमियों से इस प्रदर्शन को सफल बनाने का आव्हान करता हूं।
ज्ञात रहे वर्षों पूर्व बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने तीर्थ का अधिग्रहण कर एक शासकीय बोर्ड बनाने की कुचेष्ठा की थी, तब उस प्रस्तावित अध्यादेश को तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति शंकरदयाल जी शर्मा के माध्यम से रद्द करवाने में विधायक चेतन्य काश्यप की महती भूमिका रही थी।



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