News by – नीरज बरमेचा
- अधिमान्य पत्रकारों के लिए घोषणा का स्वागत करते हुए इसमें संशोधन की मांग की
रतलाम। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अधिमान्य पत्रकारों को फ्रंटलाईन वर्कर मानने की घोषणा का स्वगत करने के साथ ही रतलाम प्रेस क्लब ने आदेश को अपरिपूर्ण बताया है। रतलाम प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेश जैन,सचिव मुकेशपुरी गोस्वामी, उपाध्यक्ष अमित निगम, राकेश पोरवाल, राजेन्द्र केलवा, कोषाध्यक्ष भेरूलाल टांक, सह सचिव मुबारिक शेरानी, नरेंद्र अग्रवाल तथा समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए बताया है कि उनकी घोषणा से फील्ड पर कार्यरत हजारों वास्तविक पत्रकारों को लाभ नहीं मिलेगा जो वर्तमान में अधिमान्य नहीं है। जबकि पत्रकारिता जगत में ऐसे पत्रकारों की संख्या अधिक है।
जैन एवं पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर बताया कि अखबारों, समाचार चैनलों, मान्य न्यूज पोर्टलों आदि में जितने संपादक, रिपोर्टर, फोटो जर्नलिस्ट, सब एडिटर आदि कार्य करते हैं, उनमें से बमुश्किल 2-5 प्रतिशत ही अधिमान्य हैं। कोरोना काल में फील्ड पर काम करने वाले अधिकांश पत्रकारों के पास अधिमान्यता कार्ड नहीं है, जिससे इस मुश्किल समय में प्रशासन और जनता के बीच समन्वयक का काम करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वालों को लाभ नहीं मिलेगा। प्रेस क्लब के सभी पदाधिकारियों, कार्यकारिणी तथा पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से आदेश में वास्तविक फील्ड पत्रकारों को भी शामिल करने की अपील की है।
देर आये , दुरुस्त आये…
शिवराज जी , आपने अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों को फ़्रंट लाइन वर्कर माना।
मेरा ऐसा मानना है कि कई फ़ील्ड में काम करने वाले पत्रकारों को अधिमान्यता का दर्जा प्राप्त नहीं है। वे लोग इस संकट काल में रोज़ फ़ील्ड में रहकर अपनी जान जोखिम में डाल कार्य कर रहे है। pic.twitter.com/9neid3GqT0— Office Of Kamal Nath (@OfficeOfKNath) May 3, 2021




