News By – नीरज बरमेचा (93028 24420)
जहाँ आपदा की इस घड़ी में लोकल व्यापारी अपनी मेहनत से टाइम से सुविधा से फाइनेंसियल हेल्प से आम जनता की मदद करने पर लगा है, वही प्रशासन द्वारा नियमो में भेद भाव सही नहि है। 09/04/2021 से रतलाम शहर में लॉकडाउन का निर्णय लिया गया था, चुकी ये एक ज़रूरी कदम थे इस आपदा से लड़ने के किए हर प्रतिष्ठान ने इसका पालन करा ओर आज तक पालन कर रहा है। प्रशासन से बार बार विनती करने कि बाद भी होम डिलीवरी की अनुमति हमें नही दी गयी वही ई-कॉमर्स कम्पनी होम डिलिवरी कर रही है फिर वो आवश्यक सूची में आने वाले पदार्थ हो या फिर गैर-आवश्यक सूची के।
गर्मी के 4 महीने इलेक्ट्रॉनिक मार्केट के लिए करोड़ों का व्यापार होता है। AC, कूलर, फ़्रिंज आम जनता के लिए ज़रूरी भी है। लेकिन पिछले साल भी लाकडाउन के कारण करोड़ों रूपय का नुकसान हुआ कितने ही व्यापारी क़र्ज़दार हो गये कितनी ही कम्पनी बन्द हो गयी वही इस बार फिर से इस गर्मी कि मोसम में ये परिस्थिति बन गयी। फिर भी हर व्यापारी हमेशा प्रशासन के साथ होता है ओर आज भी है । अगर ऑनलाइन कम्पनी इसी तरह समान होम डिलिवरी कर विक्रय करती रही तो हम व्यापारी कुछ नही पाएँगे ओर व्यवसाय पूरी तरह से नुक़सान में चला जाएगा।
एसोसिएशन द्वारा ये माँग की गयी की होम डिलिवरी का नियम सभी के किए एक सामान हो या तो सभी व्यापारी को नियुक्त वक़्त में डिलिवरी करनी दी जाए या फिर सबके लिए पूर्ण रूप से बन्द हो। जब हम जेसे छोटे छोटे व्यापारी अपना नुक़सान उठा सकते है तो इतनी बड़ी ई-कॉमर्स कम्पनी क्यों नही। हम आशा करते है की उक्त अधिकारी हमारी चिंता को समझे ओर जल्द से जल्द सही निर्णय लेवे। जानकारी मनीष जैन ने दी|




