लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई, मात्र 500 रुपए की रिश्वत लेते लेखापाल को पकड़ा, जानिए क्या है मामला…

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News By – नीरज बरमेचा (93028 24420)

दिवंगत लांस नायक की संचित और करुणा निधि स्वीकृत करने के लिए मांगी थी 3000 रुपए की रिश्वत

जिला होमगार्ड्स कमांडेट के ऑफिस में पदस्थ एक घूसखोर सहायक उप निरीक्षक को लोकायुक्त ने टीम रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपित सहायक उप निरीक्षक ने दिवंगत लांस नायक की संचित और करुणा निधि जारी करने के लिए 3000 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी। 500 रुपए लेते हुए पकड़ा गया।

लोकायुक्त उज्जैन के डीएसपी वेदांत शर्मा ने बताया गुरुवार को रतलाम स्थित होमगार्ड्स कमांडेंट कार्यालय में दबिश दी। यहां लेखापाल का दायित्व संभाल रहे सहायक उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार पांडेय को 500 रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। डीएसपी शर्मा ने बताया जिले के ढीकवा निवासी राकेश जाट ने आरोपित पांडेय द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। बताया था कि पांडेय द्वारा उनके पिता की संचित निधि और करुणा निधि के रुपए जारी करने के लिए 3000 रुपए मांगे थे। वह पहली बार में ही 2000 रुपए ले चुका था।

मामले की तस्दीक कराई तो उस दौरान भी उसने 500 रुपए ले लिए। शेष 500 रुपए देने के लिए दबाव बनाया। अतः फरियादी राकेश को 500 रुपए के नोट में केमिकल लगा कर दिए गए। हमारी टीम ने गुरुवार सुबह यहां पहुंचे। जैसे ही आरोपित पांडेय ने फरियादी राकेश से रिश्वत के रुपए लिए और उन्होंने इशारा किया तो टीम ने धर दबोचा। आरोपित के पास से रिश्वत के रुपए बरामद हुए। केमिकल में हाथ धुलवाने पर वे लाल हो गए।

कहा था रुपए स्वीकृत करने वाले अधिकारी को रुपए देने पड़ते हैं, नहीं देने पर धमकाया भी था

फरियादी राकेश जाट ने बताया पिता नानालाल होमगार्ड में लांस नायक थे। 28 फरवरी 2021 को उनका निधन हो गया था। उनके निधन के बाद सरकार की ओर से आर्थिक सहायता के रूप में 1 लाख 99 हजार 800 रुपए मंजूर हुए थे। यह राशि प्राप्त नहीं हुई थी। इससे लेखापाल जितेंद्र कुमार पांडेय से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि राशि स्वीकृत कराने के लिेए अधिकारी को रुपए देने पड़ते हैं। उन्होंने 3000 रुपए मांगे। मैंने कहा कि जब रुपए आ जाएंगे तब मैं दे दूंगा।

जाट के अनुसार इसके बाद बावजूद वे फोन कर धमकाने लगे कि अगर रुपए नहीं दोगे तो तुम्हारे रुपए आने में लेट हो जाएंगे। अतः मैंने 2000 रुपए दे दिए। उन्होंने दबाव बनाया तो 500 रुपए और दे दिए। वे बाकी 500 रुपए के लिए बार-बार बोल रहे थे जिससे तीन दिन पूर्व मैंने लोकायुक्त को शिकायत कर दी। लोकायुक्त ने गुरुवार सुबह उज्जैन बुलाया। वहां से 500 रुपए दिए गए जो मैंने यहां जितेंद्र पांडेय को दिए। उन्होंने रुपए लेकर पर्स में रख लिए।


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