रतलाम जिले में ऐसी क्या रही वजह की सरपंच को गधे पर बैठना पड़ा, जानिए क्या है यह अजीबो गरीब मामला…

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News By – नीरज बरमेचा 

रतलाम जिले में सोयाबीन की बुवाई के बाद मानसून की बेरुखी से परेशान ग्रामीणों ने अब टोटकों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। रतलाम के धराड़ गांव में बारिश के लिए ग्रामीणों ने आज गांव के मुखिया को गधे पर बैठाकर घुमाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में मान्यता है कि बारिश नहीं होने पर इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए गांव के मुखिया द्वारा गधे की सवारी कर देवी देवताओं का पूजन करने से अच्छी बारिश होती है।

रतलाम जिले में मानसून की शुरुआत के बाद किसानों ने सोयाबीन की बुवाई कर दी थी। लेकिन बीते 10 दिनों से बारिश नहीं होने की वजह से अब किसानों की फसलें मुरझाने लगी है। जिसके लिए किसान अब तरह-तरह के टोटके कर रूठे इंद्रदेव को मनाने में लग गए है।

रतलाम के धराड़ गांव के लोगों ने भी आज अजीबोगरीब टोटके से इंद्र देव को प्रसन्न करने का प्रयास किया है। यहां गांव के उपसरपंच मनोज राठौड़ को गधे की सवारी करवाई गई। यह सवारी ढोल धमाके के साथ निकली ।इसके बाद गांव के लोगों ने देवी देवताओं की पूजा अर्चना कर अच्छी बारिश की प्रार्थना की है। यह सवारी पूरे गाँव मे से घूमकर गाव के श्मशान पहुची। जहां एक प्रतीकात्मक टापरी बनाई गई। इस टापरी के चारो ओर फिर गधे पर उपसरपंच को बिठा कर घुमाया गया।गधे की सवारी की शोभायात्रा निकालने वाले ग्रामीणों ने बताया की पुराने दौर में बारिश नहीं होने पर रूठे इंद्रदेव को मनाने के लिए गांव के राजा गधे पर बैठकर सवारी करते थे और देवी देवताओं की पूजा कर बारिश के लिए प्रार्थना करते थे। वर्तमान के दौर में गांव के सरपंच और उपसरपंच ही गांव के मुखिया होते हैं। इसलिए इंद्रदेव को मनाने के लिए गधे की सवारी निकाली जा रही है। गांव वालों की आस्था है कि इस तरह का टोटका करने से रूठे इंद्रदेव अच्छी बरसात करेंगे। बहरहाल बारिश की लंबी खेंच से परेशान किसान अपनी मुरझा की फसलों को देख तरह-तरह के अजीबोगरीब टोटके करने को मजबूर है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही अच्छी बरसात होगी जिससे उनकी मुरझाती फसलों को राहत मिल सकेगी।


अच्छी बारिश के लिए, इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए, गाव के हिट के लिए, आज गधे पर बैठे है गाव के मुखिया होने के नाते, पूर्वगत परम्परा है इसके लिए अच्छी बारिश के आवाह्न के लियें ईद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए ताकि किसानों को नुकसान न हो और किसानों को फायदा हो। हमने दो वर्ष पूर्व भी किया था यह टोटका तब अच्छी बारिश हुई थी। पुरानी परपम्परा को चला रहे है।

फैसले पूरी तरह से नष्ट हो गयी है। काफी समय लगभग एक माह हो गया बारिश नही हुई है। इसलिए ये टोटका किया है। ये प्राचीन पद्धति के हिसाब से किया है।पूर्व में भी करा था तो बारिश अच्छी हुई थी।।इस बार भी लगा तो हमने ये टोटका किया है। धराड के उपसरपंच मनोज राठौर को गधे पर बिठाकर गाव में घुमाया है। इससे इंद्रदेव प्रसन्न हो और अच्छी बारिश हो यही उद्देश्य होता है। वर्तमान में 70 से 80 प्रतिशत फैसले नुकसान हो गयी है। कुछ तो बोवनी भी नही कर पाते है।

कम से कम 30 प्रतिशत से अधिक किसान को डबल बोवनी करना पड़ेगी। किसान परेशान है। हमारे गाँव के आस पास पानी गिर रहा है केवल धराड में ही बारिश नही हो रही है। बड़े बुकुर्गो का कहना था कि ये टोटका करे तो अच्छी बारिश होगी।हमने ये किया। हमे विश्वास है कि अब अच्छी बारिश होगी। उपसरपंच गधे पर बैठे थे। गधा हमारे गाँव मे ही मिल जाता है कही से लाना नही पड़ता है। ये भगवान की कृपा है। यहां जे गधे को बाहर आसपास के गावो में भी ले जाया जाता है। और जहाँ जहाँ ये गधा जाता है उस गाव में अच्छी बारिश होती है।


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