News by – नीरज बरमेचा
वर्तमान समय मे उपयोगी साबित हो रही है जैन संस्कार विधि
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के तत्वावधान में तेरापंथ युवक परिषद रतलाम ने तेरापंथ सभा भवन, सेठ जी का बाजार पर साध्वीश्री प्रबलयशा जी आदि ठाणा-4 के सान्निध्य में जैन संस्कार विधि से रक्षाबंधन कार्यशाला का आयोजन किया।

संस्कारक देवेन्द्र मेहता ने रक्षाबंधन को जैन संस्कार विधि से जैन मंत्रोच्चार द्वारा कैसे मनाया जाए उसकी जानकारी डेमो के माध्यम से दी। परिषद मंत्री अंकित निमजा ने बताया की अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की 350 शाखाएं पूरे देश मे जैन संस्कार विधि जन जन की विधि बने इस ओर प्रयासरत है। संस्कारक ने कहा कि जैन संस्कार विधि वर्तमान समय की मांग है। इसमे बाहरी आडंबर,फिजूलखर्ची एवं हिंसा के अल्पीकरण पर विशेष ध्यान जाता है। किसी भी मांगलिक प्रसंग या त्योहार को सादगी से जैन मंत्रोच्चार के साथ मनाया जाने वाला यह महनीय उपक्रम है। इस माध्यम से संस्कारक जैन मान्यताओ को भी जन जन तक पहुचाने का कार्य करते है।
साध्वीश्री प्रबलयशा जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में भी बताया कि ग्रहस्थ जीवन में जैन संस्कार विधि श्रावक समाज को अनावश्यक हिंसा व बाहरी आडंबर से बचा सकती है।

साध्वीवृन्द ने सुमधुर गीत की प्रस्तुति दी।
संस्कारक देवेंद्र मेहता ने उपस्थित श्रावक समाज को रक्षाबंधन जैन संस्कार विधि से मनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में अभातेयुप कार्यसमिति सदस्य पुनीत भंडारी, सभा मंत्री विजय वोरा, परिषद उपाध्यक्ष राजेन्द्र दख, पीयूष दख, सहमंत्री अंकित बम्बोरी, किशोर मंडल संयोजक अर्हम पालरेचा, समक्ष पीपाड़ा आदि उपस्थित थे।
आभार ज्ञापन मंत्री अंकित निमजा ने किया।
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