News By – नीरज बरमेचा
रतलाम/विगत दिनों निगम एवं जिला प्रशासन द्वारा शहर के मध्य निजी भूमि पर बने हुए पशुपालन केंद्र (तबेले )को हटाने का काम शुरू किया गया!
हटाने के पीछे निगम द्वारा यह तर्क दिया गया किंतु बिलों की गंदगी से शहर में डेंगू बीमारी फैल रही है बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक कार्रवाई से पशुपालकों की कमर टूट गई है इसी बात को लेकर आज पशु पालक जिला शहर कांग्रेस के नेतृत्व में जिलाधीश महोदय एवं निगम आयुक्त से मिले! एक ज्ञापन जिला प्रशासन , निगम प्रशासन के नाम पर उपायुक्त विकास सोलंकी को दिया गया!
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ज्ञापन में मांग की गई है कि अचानक हुई इस कार्रवाई को रोका जाए और कम से कम एक वहां की समय अवधि स्थानांतरित करने के लिए दी जाए क्योंकि दूध एक आवश्यक सेवा के अंतर्गत आता है एवं दुधारू पशुओं को स्थान पर इतनी जल्दी नहीं किया जा सकता है इसलिए समय देना आवश्यक है साथ ही जिला प्रशासन से मांग की गई है कि शहर के बाहर कोई भी शासकीय भूमि निर्धारित मूल्य लेकर आवंटित की जाए जिससे वह अपना व्यवसाय सुचारू रूप से चला सके!

इस अवसर पर शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, शांतिलाल वर्मा, रजनीकांत व्यास, रामचंद्र धाकड़ पूर्व पार्षद गणेश यादव, कमरुद्दीन कछवाहा, हितेश पेमाल के साथ बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित थे!

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