News By -विवेक चौधरी
◆ रतलाम कांग्रेस सेवादल के नेता बालूदास बैरागी है आरोपी
◆ रतलाम के डीआरएम ऑफिस, रेलवे ग्राउंड रहा वारदात का क्षेत्र
◆ अभी तक 2 गिरफ्तार और 2 फरार, और हो सकते है आरोपी
रतलाम/मंदसौर (मंगलवार 6 सितंबर 21) मंदसौर पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि रेलवे में नौकरी दिलवाने के नाम पर धोखाधड़ी वाले गिरोह का थाना कोतवाली (मंदसौर) ने पर्दाफाश किया है। घटना में पुलिस ने 02 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। मंदसौर एसपी सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि आरोपियों ने रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर गिरोह के रूप में कार्य करते हुए लाखों रुपए की धोखाधड़ी की हैं। धोखाधड़ी का एक आरोपी बालूदास बैरागी रतलाम में काँग्रेस सेवादल का नेता है। बताया जा रहा है कि घटना के तार रतलाम से जुड़े है। सोमवार को ही रतलाम के काँग्रेस सेवादल के नेता के पुलिस के गिरफ्त में आने की जानकारी मीडिया सूत्रों से मिल गई थी लेकिन मंदसौर पुलिस ने मंगलवार को इसका विस्तृत खुलासा किया है। बड़ा प्रश्न यह है कि क्या इस घटना के तार रेलवे विभाग के किसी व्यक्ति से भी जुड़े हुए है क्या?
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क्या है यह धोखाधड़ी का मामला
मंदसौर पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुसार, दिनांक 05.09.2021 को फरियादी यशवंत पिता गोपाल माली उम्र 25 साल निवासी गीता भवन कोठारी नगर, मंदसौर ने थाना शहर कोतवाली पर उपस्थित होकर शिकायत दर्ज करवाई कि आरोपी मदनलाल माली निवासी खिलचीपुरा थाना शहर कोतवाली मंदसौर, बालूदास बैरागी निवासी हरिया खेड़ा जिला रतलाम एवं अन्य के गिरोह के द्वारा पश्चिम रेलवे में ग्रुप सी और ग्रुप डी में नौकरी लगवाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर रुपए लेकर फरियादी के साथ धोखाधड़ी की है। इस संदर्भ में संबंधित रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 620/2021 में धारा-420, 406, 409, 467, 468, 474 और 120 बी भादवि के तहत पुलिस द्वारा पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मंदसौर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौधरी के निर्देश पर थाना प्रभारी शहर कोतवाली निरीक्षक अमित सोनी के नेतृत्व मे एक टीम गठित की जाकर धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों की तलाश एवं घटना की विवेचना प्रारम्भ की गई।
पुलिस विवेचना में मिली जानकारी
पुलिस विवेचना के दौरान साईबर सेल की मदद ली गई। प्राप्त जानकारी के आधार पर मदनलाल पिता शिवनारायण जाति माली उम्र 52 वर्ष निवासी खिलचीपुरा थाना शहर कोतवाली मंदसौर
0और बालूदास पिता मांगूदास बैरागी उम्र 48 वर्ष निवासी हरिया खेड़ा थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा जिला रतलाम को पुलिस अभिरक्षा मे लिया गया। पुछताछ के दौरान पता चला की आरोपीगण बेरोजगार लड़कों से रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर 05 लाख -12 लाख रुपए तक वसूलने का काम करते थे। राशि बड़ी होने पर जैसे-जैसे नौकरी की प्रोसेस होती जाएगी, वैसे वैसे टुकड़ों-टुकड़ों और रुपए लेते जाएंगे। ठगी के शिकारों को आरोपियों ने अपने अन्य साथी मदन गुर्जर व विक्रम बाथम से रेलवे में बड़े ऑफिसर होना बताकर मिलवाया था। आरोप है कि रतलाम में डीआरएम ऑफिस के पास रेलवे खेल ग्राउंड मे सभी लड़कों से फर्जी आवेदन फॉर्म भरवा कर पहली किश्त के रूप में 02-03 लाख रुपए वसूली गई। बड़ी बात यह है कि आरोपियों ने अपने शिकारों को रेलवे अस्पताल रतलाम में मेडिकल करवाने के लिए बुलवाया तथा सभी का मेडिकल रेलवे अस्पताल रतलाम में फर्जी तरीके से करवाया था। उसके बाद सभी लड़कों के द्वारा नियुक्ति के लिए दबाव बनाने पर पश्चिम रेलवे मुख्यालय चर्चगेट मुंबई ले जाकर सभी अभ्यर्थियों को फर्जी नियुक्ति लेटर दिए थे और 15 दिन में सभी की जॉइनिंग रेलवे होना बोलकर सभी से एक 01-01 लाख रुपए लेना बताया। जो भी फर्जी दस्तावेज नौकरी लगवाने के लिए लड़कों को भेजे जाते थे वह एक-दो दिन में वापस ले कर धोखाधड़ी करना बताया गया।
क्या था वारदात का तरीका
पुलिस ने अपने खुलासे में बताया कि गिरोह के सदस्य नौकरी की तलाश कर रहे नवयुवकों के परिजन को टारगेट कर उनसे जान-पहचान बढ़ाते थे। फिर पश्चिम रेलवे मुख्यालय में अच्छी सेटिंग होना बताकर पैसे लेकर भर्ती की पूरी प्रक्रिया फर्जी तरीके से आयोजित कर रेलवे में नियुक्ति आदेश रिक्रूटमेंट भर्ती के दस्तावेज हूबहू असली जैसे तैयार कर संगठित गिरोह बनाकर धोखाधड़ी करते थे। पुलिस ने मदनलाल पिता शिवनारायण
और बालूदास पिता मांगूदास बैरागी को गिरफ्तार किया है और आरोपीगण मदन पिता प्रहलाद गुर्जर निवासी गुराडिया जाट, सिवनी मालवा, होशंगाबाद और विक्रम बाथम निवासी रेलवे कॉलोनी रतलाम फरार बताए गए है। आगामी विवेचना में गिरोह के अन्य साथी के नाम भी सामने आ सकते है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
मंदसौर पुलिस ने बताया कि डॉ. अमित वर्मा अति. पुलिस अधीक्षक मंदसौर, परमालसिंह मेहरा नगर पुलिस अधीक्षक मंदसौर के मार्गदर्शन में कार्यवाही करते हुए ठगी करने वाले गिरोह के आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता प्राप्त की है। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक अमित सोनी थाना प्रभारी शहर कोतवाली मंदसौर, उप निरीक्षक भारत भाबर, उनि विष्णु वास्कले डीएसबी मंदसौर, सउनि प्रेमसिंह हटीला, प्रधान आरक्षक विनोद नामदेव, आरक्षक अमित मिश्रा डीएसबी मंदसौर, आरक्षक मोहित पंवार एवं प्रधान आरक्षक आशीष बैरागी सायबर सेल मंदसौर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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