किसानों को फसलों में संतुलित मात्रा में खाद के उपयोग सलाह

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News By – नीरज बरमेचा 

रतलाम 13 दिसम्बर 2021/ कृषि विभाग द्वारा किसानों को फसलों में आवश्यकता से अधिक रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं करने की सलाह दी गई है। फसल के लिये अन्य पोषक तत्वों की भी आवश्यकता होती है। कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि किसान मिटटी परीक्षण कराए और उसी के हिसाब से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। किसानों से आग्रह किया गया है कि वे कृषि वैज्ञानिकों से सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर उर्वरकों का उपयोग करें ताकि फसल का अच्छा उत्पादन प्राप्त हो।

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गेंहू के लिये यूरिया 213 कि.ग्रा. एन.पी.के. 186 कि.ग्रा., म्यूरेट ऑफ पोटास 17 कि.ग्रा. प्रति हेक्टर, चना के लिये यूरिया 44 तथा सुपर फास्फेट 375 कि .ग्रा. प्रति हेक्टर, सरसों के लिये यूरिया 130 कि.ग्रा. सुपर फास्फेट 188 कि.ग्रा. तथा म्यूरेट ऑफ पोटास 33 किग्रा. प्रति हेक्टर, मसूर के लिये यूरिया 54 कि.ग्रा. तथा सुपर फास्फेट 313 कि.ग्रा. प्रति हेक्टर देकर अनुशंसित उर्वरक मात्रा की पूर्ति की जा सकती है।

किसान भाईयों से अपील की गई है कि गेंहू, सरसों, चना एवं मसूर फसल में रासायनिक खाद की अनुशंसित मात्रा का ही उपयोग करें। डीएपी के विकल्प के रुप में एन.पी.के. व एस.एस.पी. यूरिया एव म्यूरेट ऑफ पोटास उर्वरकों का उपयोग कर अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते है। साथ ही सिंगल सुपर फास्फेट का उपयोग करने से सल्फर 11 प्रतिशत एवं केल्शियम 21 प्रतिशत भी प्राप्त होंगें, जो फसल का उत्पादन बढाने में सहायक होंगें।

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