अब कोविशील्ड और कोवाक्सि मिलेंगी बाजार में लेकिन इन शर्तों के साथ, पर मेडिकल स्टोर से नहीं ले सकेंगे…

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News By – नीरज बरमेचा (93028 24420)

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने कोविशील्ड और कोवाक्सिन के लिए कंपनियों को सशर्त बाजार में उतारने की  मंजूरी दे दी है। लेकिन मेडिकल स्टोर पर वैक्सीन नहीं मिलेगी। अस्पताल और क्लीनिक से ही टीके खरीद सकते हैं। टीकाकरण डेटा हर छह महीने में डीसीजीआई को जमा करना होहा। कोविन ऐप पर भी डेटा अपडेट किया जाएगा। 

भारत के दवा नियामक ने गुरुवार को कुछ शर्तों के अधीन वयस्क आबादी में उपयोग के लिए कोविड 19 टीकों कोविशील्ड और कोवाक्सिन को नियमित तौर पर बाजार में बेचने की मंजूरी दे दी। न्यू ड्रग्स एंड क्लिनिकल ट्रायल रूल्स, 2019 के तहत मंजूरी दी गई है। शर्तों के तहत, फर्म चल रहे नैदानिक परीक्षणों और प्रोग्रामेटिक सेटिंग के लिए आपूर्ति किए जाने वाले टीकों का डाटा प्रस्तुत करेंगे। टीकाकरण के बाद किसी भी प्रतिकूल घटना की निगरानी जारी रहेगी।

मनसुख मांडविया ने भी दी जानकारी 
वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने कहा कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने अब कोवाक्सिन और कोविशील्ड की अनुमति को आपातकालीन स्थितियों में प्रतिबंधित उपयोग से कुछ शर्तों के साथ वयस्क आबादी में सामान्य नई दवा की अनुमति में अपग्रेड कर दिया है।  

19 जनवरी को सिफारिश की गई थी
19 जनवरी को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 पर विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) द्वारा भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) की मंजूरी के बाद कुछ शर्तों के अधीन वयस्क आबादी में उपयोग के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के कोविशील्ड और भारत बायोटेक के कोवाक्सिन को नियमित रूप से बाजार में बेचने की मंजूरी देने की सिफारिश की गई थी। 

दोनों कंपनियों ने जमा किए थे डाटा और जानकारी
एसआईआई में सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने 25 अक्टूबर को डीसीजीआई को एक आवेदन जमा कर कोविशील्ड को नियमित तौर पर बाजार में बेचने की अनुमति मांगी थी। डीसीजीआई ने पुणे स्थित कंपनी से और अधिक डाटा और दस्तावेज मांगे थे, जिसके बाद सिंह ने हाल ही में अधिक डाटा और जानकारी जमा की थी। उन्होंने कहा था कि कोविशील्ड के साथ इतने बड़े पैमाने पर टीकाकरण और कोरोना संक्रमण की रोकथाम अपने आप में वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभावकारिता का प्रमाण है।

वहीं, डीसीजीआई को भेजे गए एक आवेदन में हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक में पूर्णकालिक निदेशक वी कृष्ण मोहन ने कोवाक्सिन को बाजार में उतारने की मंजूरी मांगते हुए नैदानिक डेटा के साथ-साथ रसायन विज्ञान, निर्माण और नियंत्रण के बारे में पूरी जानकारी जमा की थी। साभार – अमर उजाला  


 

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