कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम गड़बड़ियों के मामले में शुरु से ही सख्त रवैया अपनाएं हुए है। अब शहर में स्थित एक जमीन के बिना आदेश खाता-खसरा में नाम परिवर्तन पर कलेक्टर के निर्देश पर तत्कालीन शहर पटवारी को निलंबित कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार तहसीलदार रतलाम शहर के एक आदेश में रतलाम की भूमि सर्वे क्रमांक 108/3 रकबा 0.600 हेक्टेयर का बंटाकन प्रस्ताव पटवारी रतलाम शहर द्वारा प्रस्तुत किया गया। उक्त भूमि 2019-20 के रेकार्ड में निजी दर्ज थी, लेकिन 2005-06 लगायत 2011-12 के रेकार्ड के अनुसार उपरोक्त भूमि न्यायालय के आदेश के अऩुसार शंकर मंदिर के नाम पर दर्ज किया गया, जो कि 2012-13 के क्म्प्युटर खसरे में बिना किसी आदेश के वापस निजी दर्शित होने लगी। जिसकी जानकारी तत्कालीन पटवारी रतलाम शहर तेजवीर चौधरी द्वारा अपने बंटाकन फर्द में प्रस्तुत नहीं की गई। इस मामले में तत्कालीन पटवारी द्वारा जानबुझकर तथ्य छुपाया जाना एवं शासकिय हित को बाधित करना मानते हुए तत्कालीन शहर पटवारी को निलंबित कर भू-अभिलेख कार्यालय अटैच किया गया है।



