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रतलाम शहर हुआ चेतन्यमय, 60 हजार से अधिक मतों से विजयी हुए चेतन्य काश्यप…

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News by – विवेक चौधरी 

रतलाम। मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में मालवा क्षेत्र के रतलाम जिले का चुनाव भाजपा मय रहा है। जिले की 4 सीटों पर भाजपा को जीत मिली है और आदिवासी बहुल सैलाना सीट पर भी काँग्रेस को निराशा हाथ लगी है। यहाँ पर भारतीय आदिवासी पार्टी के कमलेश्वर डोडियार ने काँग्रेस के हर्षविजय गेहलोत गुड्डू को 6 हजार मतों से हरा दिया है। यहाँ भाजपा की संगीता चारेल तीसरे नंबर पर रही है।

रतलाम शहर से मौजूदा विधायक चेतन्य काश्यप
काश्यप ने अपनी जीत और बढ़त का सिलसिला बरक़रार रखते हुए 60 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत प्राप्त की है। उनके समर्थक पहले से ही प्रचार के समय से “अबकी बार 56 पार” का उद्घोष लगा रहे थे। काँग्रेस के पारस सकलेचा लगभग 48 हजार मत प्राप्त करके भी भाजपा के चेतन्य काश्यप से लगभग 61 मतों के अंतर से हार गए है। जीत के बाद शहर में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ चेतन्य काश्यप का लंबा विजयी जुलूस में निकल पड़ा है।

जिले की अन्य सीटों पर भाजपा का शानदार प्रदर्शन रहा। उसपर भी निर्दलीयों ने भाजपा की जीत को और अधिक सुगम बना दिया। जावरा में भाजपा के डॉ राजेन्द्र पांडेय ने काँग्रेस के वीरेंद्र सिंह सोलंकी हराया है। जबकि यहाँ जीवन सिंह शेरपुर निर्दलीय चुनाव लड़ रहें थे। विगत चुनाव में मात्र पाँच सौ मतों के अंतर से जीते डॉ पांडेय के इस बार की जीत का अंतर 25 हजार से ज्यादा का रहेगा। इसे राजेन्द्र पांडेय और भाजपा की जावरा में शानदार रिकवरी ही कहना चाहिए। वहीं जावरा के पास सुरक्षित सीट आलोट पर काँग्रेस के बागी और निर्दलीय प्रेमचंद गुड्डू ने काँग्रेस के मौजूदा विधायक मनोज चावला की हार के मार्ग को प्रशस्त करते हुए पूर्व सांसद और भाजपा के उम्मीदवार डॉ चिंतामणि मालवीय को भारी मतों के अंतर से विजय दिलवा दी है। यह सीट भाजपा ने काँग्रेस से छीनी है और जिले में सर्वाधिक मतांतर से भाजपा को जीत वाली सीट रही है।

रतलाम ग्रामीण सीट पर अपनी शासकीय सेवाएं छोड़कर राजनीति में प्रवेश करने वाले काँग्रेस प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह डिंडौर कोई खास नहीं कर पाए। जयस के डॉ अभय ओहरी ने उनकी राह और मुश्किल बनाई। इसका भरपूर फायदा भाजपा प्रत्याशी मथुरालाल डामोर को मिला और उन्होंने भी बड़े अंतर से जीत हासिल की है। जिले की कुल पाँच में से 4 सीट भाजपा और एक निर्दलीय के खाते में गई है। भाजपा की इस एक तरफा जीत से भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह और काँग्रेस खेमे में मायूसी छा गई है

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