रतलाम, 12 जुलाई। क्रीड़ा-भारती की अन्तर प्रान्तीय बैठक के रुप में क्रीड़ा-भारती के कोषाध्यक्षों का एक दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग वैशाली गार्डन में सम्पन्न हुआ। इसका समापन क्रीड़ा-भारती के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने किया। तीन सत्रों में आयोजित प्रशिक्षण वर्ग के दौरान राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मिलिंद डांगे ने विभिन्न प्रांतों से आए कोषाध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया।
कोषाध्यक्ष प्रशिक्षण वर्ग में पुणे, अहमदाबाद, कोंकण, जयपुर, जबलपुर, सौराष्ट्र, भीलवाड़ा, जोधपुर, कोटा, इंदौर, ग्वालियर के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इस दौरान अहमदाबाद से नितेश कुमार, कोंकण से सतीश मोरेश्वर जोशी, यज्ञेश्वर बागराव, जयपुर से कैलाश शर्मा, प्रदीप शर्मा, राकेश शर्मा, जबलपुर से प्रकाश विस्पुते, अनंत दीघे, सौराष्ट्र से अशोक गांधी, भीलवाड़ा से शिवनारायण सोनी, कोटा से बालमुकुन्द, ग्वालियर से प्रकाश श्रीवास्तव, इंदौर से विजय भावे आदि उपस्थित रहे।
पारदर्शिता, प्रामाणिकता से कार्य करे कोषाध्यक्ष – काश्यप
क्रीड़ा-भारती कोषाध्यक्ष प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने विभिन्न प्रांतों से आए कोषाध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था में अध्यक्ष, महामंत्री के साथ कोषाध्यक्ष का पद महत्वपूर्ण होता है। कोषाध्यक्ष पारदर्शिता और प्रामाणिकता से कार्य करें तो संस्था में कार्यकर्ताओं का मनोबल बड़ता है। कार्य की सुदृढ़ता के लिए वर्तमान समय में अधिक से अधिक तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए। श्री काश्यप ने रतलाम में प्रतिवर्ष क्रीड़ा भारती और चेतन्य काश्यप फाउण्डेशन द्वारा आयोजित होने वाले खेल चेतना मेला की सफलता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों से हो रहे इस आयोजन ने खेलों के प्रति चेतना का जो कार्य किया है वह प्रदेश ही नहीं देश के अन्य प्रांतों में भी अनुसरण हो रहा है।



