News By – नीरज बरमेचा & विवेक चौधरी
आउट ऑफ द बॉक्स (झलकियाँ)
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एक लंबे अर्से के बाद हवाई पट्टी पर दिखी पूर्व महापौर डॉ सुनीता यार्दे। मुख्यमंत्री के वाहन के पास पहुँचकर उन्होंने मुख्यमंत्री को अभिवादन किया।
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जिस समय मुख्यमंत्री का विमान हवाई पट्टी पर पहुँचा, ठीक उसी समय हवाई पट्टी के सामने सैलाना रोड पर पुलिस का वो वाहन भी पहुँचा जिसमें विरोध प्रदर्शन करने वाले हिरासत में लिए गए कांग्रेसी कार्यकर्तागण थे।
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मुख्यमंत्री के विमान को देख कांग्रेसी कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन के नारे लगाने लगे। इन्हें सैलाना में बनाई गई अस्थाई जैल में ले जाया जा रहा था।
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मुख्यमंत्री के काफिले में शासकीय एम्बुलेंस की जगह दिखी एक निजी अस्पताल की एम्बुलेंस भी चर्चा का विषय रही। लोग चुटकी ले रहे थे कि क्या स्वास्थ्य अमले के पास अपनी एक एम्बुलेंस नहीं थी, जो निजी मंगवाई?
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जनसभा स्थल पर पार्षद से लेकर महापौर तक के टिकिट की दावेदार तेजतर्रार भाजपा नेत्री को अपनी महिला कार्यकर्ताओं के साथ बैठने के लिए कुर्सीयां नहीं मिली तो वे जमीन पर ही बैठ गई। जिसके पश्चात उनके लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई।
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बाहर से आए पुलिस बल की वजह से स्थानीय मीडियाकर्मियों को परेशानीयाँ देखनी पड़ी, जबकि स्थानीय पुलिस अधिकारी मीडियाकर्मियों की व्यवस्था बनाते दिखे।
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लौटते समय मुख्यमंत्री का विमान स्टार्ट होने के पश्चात पुनः रूक गया। व्यवस्था में जुटे अमले के माथे की शिकन उस समय दूर हुई जब विमान के दरवाजे खुलने के पश्चात छूट गए एक बेग को बुलवाया गया।
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मुख्यमंत्री के साथ आया भोपाल से पुलिस बल कलेक्टोरेट में पानी पानी को तरसते रहे, जब किसी से पानी के लिए पुछा तो जवाब आया की “हम भी अपना पानी खुद मंगा कर पीते है|” हालांकि एक कोने में व्यवस्था रखी थी, वो उन्हें बाद में पता चली|
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मुख्यमंत्री का आईटी अमला मुस्तैद दिखा, उनके ट्वीटर हैंडल से रतलाम प्रवास को लेकर लगातार ट्वीट्स होते रहे।
रतलाम। गुरुवार 4 फरवरी को प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान रतलाम पधारे। प्रदेश की चौथी बार कमान संभालने के बाद भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की लोकप्रियता जनता में बरकरार दिखी। वर्तमान समय मे निःसंदेह वे प्रदेश के सबसे लोकप्रिय चेहरे है। शहर में उनका प्रवास लगभग 4 घण्टे का रहा और उनके प्रवास का विश्लेषण करने पर अनेक बातें सामने आई। उनके आगमन से यह तो स्पष्ट हो गया कि यदि सरकारी अमला चाहे तो अत्यंत कम समय में भी सारी व्यवस्थाएं जुटा सकता है। दिन रात एक करके जिस प्रकार रोड पर पैच वर्क किए गए, उनके मार्ग पर व्यवस्थाएं जुटाई गई, पेंटिंग वर्क किया गया, साफ सफाई इत्यादि की गई। यह सब कार्य बताता है कि यदि इच्छाशक्ति हो तो कम समय में भी काफी सारे कार्य किए जा सकते हैं। रोड शो के समय सड़क पर व्यवधान को छोड़कर बाकि कार्यों को देख शहर की जनता यह कहती रही कि मुख्यमंत्री जी आप बार-बार पधारिएगा ताकि आपके आगमन से शहर की व्यवस्थाएं चुस्त दुरुस्त होती रहें।
बंजली हवाई पट्टी पर दिखा कि कौन हवा-हवाई और कौन धरातल पर
दोपहर लगभग 1 बजे बंजली हवाई पट्टी पर मुख्यमंत्री का विमान आया और हवाई पट्टी पर बनाई गई दर्शकदीर्घा में वे सभी उपस्थित लोगों से चलते चलते मिले। कुछ लोगों ने सेल्फी ली तो कुछ लोगो ने उन्हें अपनी पिछली मुलाकातों का स्मरण कराया। किसी ने अपनी मांग रखी तो किसी ने अपनी पीड़ा को ‘मन की बात’ के रूप में कही। यहाँ पर यह देखना दिलचस्प था कि वर्तमान में किसकी पकड़ और अकड़ मजबूत है और किसकी ढीली पड़ गई। कुछ नेता अकेले “भीतर” तक गए तो कुछ को अपने “साथियों” को ले जाने का मौका मिला। वहीं कुछ को दर्शक दीर्घा में रहकर ही संतुष्ट होना पड़ा। हवाई पट्टी पर हो रही हलचल को शुरुआती आकलन भी माना जा सकता कि किसका नाम नगरीय निकाय चुनावों में आगे बढ़ाया जा सकता है और किसका नहीं। बहरहाल मुख्यमंत्री हवाई पट्टी से ग्राम पलसोड़ा प्रस्थित हुए जहाँ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया।
रोड शो या टिकिट की दावेदारी?
ग्राम पलसोड़ा से लौटने के पश्चात शहर प्रवेश के साथ ही मुख्यमंत्री का रोड शो भी प्रारम्भ हो गया। लेकिन काफिले में सरकारी अमला अधिक था और नेतागण कम थे। वजह थी पूरे मार्ग में जगह जगह बनाये गए स्वागत स्थल। शहर में जगह जगह बनाये गए स्वागत स्थलों पर भाजपा से पार्षद और महापौर के दावेदार सेहरा पहन कर खड़े थे। दावेदारों ने अपने बड़े बड़े स्टेज, होर्डिंग, ढोल, फटाकों से मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसमें उनके द्वारा जुटाई गई भीड़ दावेदारी का शक्ति प्रदर्शन लग रही थी। टिकिट की जुगाड़ से लेकर पार्टी में अपना वर्चस्व स्थापित करने की चाह वाले पूरी कोशिश करते नज़र आये। महापौर और पार्षदों के आरक्षण तय होने के पश्चात दावेदारी में जातिगत समीकरण का प्रभाव भी दिखा। स्टेज सजाकर सेहरा बांधने वालो की लिस्ट में शामिल प्रहलाद पटेल, प्रवीण सोनी, दिनेश राठौर, सीमा टांक, अश्विन जायसवाल, दिनेश सोलंकी सहित अनेक नेताओं ने अपने दलबल के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
हिरासत में लिए गए विरोध प्रदर्शन करते कांग्रेसी नेता
मुख्यमंत्री के हवाई पट्टी पर आगमन के पूर्व ही विरोध प्रदर्शन के लिए कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचने की कोशिश की, जिसके चलते अनेक कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। जिसकी वजह से विरोध प्रदर्शन ठीक से हो ही नहीं पाया। हिरासत में लेते समय झूमाझटकी के हालात भी बने। गीता मंदिर स्थित कांग्रेस नेता महेंद्र कटारिया के कार्यालय से भी विरोध के स्वर बुलंद हुए। वहाँ पर भी कुछ लोगो को हिरासत में लेने की कार्यवाही हुई। गिरफ्तार हुए नेताओ में यास्मिन शेरानी, महेंद्र कटारिया, डीपी धाकड़, राजेश भरावा, मयंक जाट, प्रभु राठौड़ प्रमुख नाम थे। जिन्हें सैलाना में बनाई गई अस्थाई जैल में भेज दिया गया।
कालिका माता मंदिर से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक बना विकास का रोड मैप
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अपने काफिले के साथ जिला कलेक्टर कार्यालय पहुँचे। इसके पूर्व वे कालिका माता मन्दिर के दर्शन करने पहुँचे। उन्होंने माता के दर्शन कर ‘सर्वे भवन्तु सुखीनः सर्वे संतु निरामया’ की भावना के साथ प्रार्थना की। संभवतया वे दिग्विजय सिंह के बाद दूसरे मुख्यमंत्री थे जिन्होंने माँ कालिका के दर्शनकर आशीर्वाद लिया। कलेक्टर कार्यालय में मुख्यमंत्री ने नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत जिले में हुए उल्लेखनीय कार्यों को देखा समझा और सराहा। मीटिंग रूम में रतलाम को नगर से महानगर बनाने के 5 वर्षीय रोड मैप को देखा और उसमें अपना समर्थन व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री आवास योजना का लोकार्पण एवं समरसता भोज
मुख्यमंत्री के शहर प्रवास के अंतिम पड़ाव के रूप में डोसीगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनाए गए भवनों का लोकार्पण किया तथा हितग्राहियों को गृह प्रवेश करवाया। इसी दौरान मुख्यमंत्री एवं उनके साथ चल रहे रतलाम झाबुआ सांसद गुमान सिंह डामोर, शहर विधायक चैतन्य काश्यप, ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना, जावरा विधायक राजेंद्र पांडेय, जिला भाजपा अध्यक्ष राजेंद्र सिंह लुनेरा, पूर्व सैलाना विधायक संगीता चारेल आदि ने एक हितग्राही के घर पर समरसता भोज किया। प्रधानमंत्री आवास योजना स्थल पर ही जनसभा की व्यवस्था की गई थी, जहां पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने चिरपरिचित शैली में उनकी सरकार द्वारा किए जा रहे जनहित के कार्यों का उल्लेख किया तथा आगामी समय में रतलाम को दी जाने वाली सौगातों की घोषणा की। कार्यक्रम पश्चात वे सेजावता फंटे होते हुए बंजली हवाई पट्टी पर पहुंचे और भोपाल वापसी की उड़ान ली।
रतलाम तेजी से बढ़ता हुआ और संभावनाओं से भरा हुआ शहर है। आज इसके विकास का 5 वर्षीय रोडमैप हमने बनाया है।
रतलाम जिले की सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के विकास का रोडमैप बनाने का भी निर्देश दिया है। क्षेत्र का योजनाबद्ध और सुनियोजित विकास किया जायेगा। pic.twitter.com/3HVQURQ8ND
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) February 4, 2021





