News By – नीरज बरमेचा
रतलाम, 29 अगस्त | ब्राह्मण में विनय होनी चाहिए। ब्रहम बनने का गुण होना चाहिए, तभी तो वह सर्व समाज का नेतृत्त्व कर पाएगा। ब्राह्मण विद्यार्थियों के ऊपर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उनके माध्यम से सम्पूर्ण मानव समाज और विश्व मानवता का विस्तार कर आगे बढ़ाया जा सकता है| वास्तव में ब्राह्मण ही इस संसार में सर्व समाज का वास्तविक प्रवक्ता है।
यह उद्गार शिक्षाविद साहित्यकार डॉ. मुरलीधर चाँदनीवाला ने स्व पं हर्ष दशोत्तर की पुनीत स्मृति में सर्वब्राह्मण महासभा रतलाम द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में समाज को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि ब्राह्मण ऋषि संतान हैं। ब्राह्मणों को अपने गोत्र हमेशा याद रखने चाहिए। गोत्र याद रखने से हम गलतियों से दूर रहते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व उपसंचालक-अभियोजन कैलाश व्यास ने कहा कि जीवन में अनेक विपरीत परिस्थितियां आती है. पर हमें निराश नही होना चाहिए। क्योंकि विपरीत परिस्थितियाँ ही जीवन जीना सिखाती हैं। समाज के युवाओं को सफलता का संकल्प लेकर निरन्तर आगे बढ़ते रहना चाहिए और हमेशा अपने ही रिकार्ड तोड़ने का प्रयास करना चाहिए। सम्मान समारोह में कक्षा 10वी और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 105 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया | कार्यक्रम के दौरान स्व पं हर्ष दशोत्तर की बेटी कु जिनल एवं नेहल दशोत्तर उपस्थित रही।
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