परेशान जनता, बेफिक्र नगर सरकार, बिन पानी मच रहा है हाहाकार, मुख्यमंत्री को भी कर रहे है शर्मसार….

0

News By – Team News India 365 – रतलामी फीवर 

रतलाम (07 अक्टूबर 22) नई नगर सरकार हर मोर्चे पर फैल नज़र आ रही है। खराब सड़के और निरंकुश निगम प्रशासन के रवैये की वजह से ही जनता के बीच “नरक निगम” का सम्बोधन प्रचलन में है। बिना किसी पूर्व नियोजन के सड़के खोदना, बंद कर देना इत्यादि जैसी परेशानियॉ तो निगम की कारगुज़ारियों का ट्रेलर मात्र है। बाकी समस्याओं की फेहरिस्त लंबी चौड़ी है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने रतलाम की जनता के बीच घोषणा की थी कि शहर को प्रतिदिन पानी मिलेगा। लेकिन हालात यह है कि पटरी पार की जनता में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। लगातार पाँचवे दिन पानी नहीं आने की शिकायत मिली है। यह निरकुंश निगम प्रशासन का अड़ियल रवैया ही है जो प्रदेश के मुख्यमंत्री को शर्मसार कर रहा है।

निगम की कारगुजारियाँ कहीं भाजपा को भारी ना पड़ जाए क्योंकि विधानसभा का अगला चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं खड़ा है। अपनी योजनाओं और प्रशासनिक समझबूझ के लिए पहचाने जाने वाले नगर विधायक चैतन्य कश्यप के लिए यह चिंता का विषय होना चाहिए। निगम चुनाव में प्रतिदिन पानी का सप्लाई एक बड़ा मुद्दा था, अब जिसे विपक्षी दल काँग्रेस आगामी चुनाव में भी भुनाने की पूरी कोशिश करेगी। त्योहार के समय जनता यदि पीने के पानी को परेशान होती है तो यह नगर सरकार के लिए शर्म का विषय होना चाहिए। इस बार इंद्र देवता की अनुकम्पा रतलाम पर रही है। पेयजल के स्त्रोत लबालब भरे हुए है। फिर भी समय पर जलप्रदाय नहीं हो रहा है तो इसका साफ अर्थ है कि प्रबंधन, रखरखाव और जिम्मेदारी के साथ साथ इच्छाशक्ति का स्पष्ट अभाव है। मुख्यमंत्री ने नाखुश होकर उज्जैन के निगम आयुक्त को तो चलता कर दिया है लेकिन यहाँ तो नए आयुक्त को आए हुए एक पखवाड़ा भी नहीं हुआ है। उन्हें सक्रिय होने पड़ेगा, महापौर सहित जनप्रतिनिधियों को जमीन पर आकर हालात संभालने होंगे वरना पानी से प्यासी जनता किसका पासा पलट दे, ये कौन जानता है? लोकतंत्र में कुछ भी संभव है।


रतलामी फीवर के लिए हमें व्हाट्सएप पर ज्वाइन करे…

https://chat.whatsapp.com/I3cXSVVXvVF8Xo4OHT2A9t

न्यूज़ इंडिया 365 – खबरों का रतलामी फीवर के व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ने और महत्वपूर्ण समाचारो के साथ अपने को अपडेट रखने के लिए, ऊपर दी गयी लिंक पर क्लिक करे|