बहुचर्चित वर्चस्व की लड़ाई में आया कोर्ट का फैसला, भाजपा और काँग्रेस के नेताओं को सज़ा…

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News By – विवेक चौधरी

रतलाम, शनिवार 26 नवंबर 2022। एक बहुचर्चित वर्चस्व की लड़ाई पर आज कोर्ट द्वारा फैसला सुनाया गया। फैसले से पहले दोनो पक्षों के आरोपियों के उपस्थिति के चलते सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कोर्ट परिसर में भारी बंदोबस्त कर रखा था। चूंकि इस मामले में अम्बर, उजाला और भदौरिया ग्रुप के साथ साथ भाजपा और काँग्रेस से जुड़े बड़े नेता जुड़े हुए थे, इसलिए पुलिस ने बंदोबस्त कर रखा था। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई पहले ही कर ली थी और फैसला सुरक्षित रखकर आज सुनाया। फैसले में भाजपा पार्षद एवं निगम में पक्ष के नेता भगत सिंह भदौरिया, युवा काँग्रेस अध्यक्ष एवं काँग्रेस महापौर प्रत्याशी मयंक जाट, भाजपा खेल प्रकोष्ठ के यतेंद्र भारद्वाज को सजा सुनाई गई है। घटना 10 वर्ष पुरानी है जिसमें रतलाम शहर के डाट की पुल के क्षेत्र में भदौरिया गुट के साथ अम्बर और उजाला गुट की लड़ाई हुई थी।

जानकारी के अनुसार 10 साल पहले रतलाम शहर के डाट की पुल क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर विभिन्न गुटों में आपसी लड़ाई हुई थी जिसमें गोलीबारी और जमकर मारपीट हुई थी। लड़ाई के समय अम्बर और उजाला ग्रुप एक साथ भदौरिया ग्रुप के सामने थे। थाना स्टेशन रोड पर दोनों पक्षो ने एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। घटना में कई लोग घायल हुए थे। कोर्ट ने अपने फैसले में शेष आरोपियों में से भदौरिया ग्रुप के भाजपा नेता भगतसिंह भदौरिया, शरद भाटी, रवि मीणा, रितेशनाथ को 7 वर्ष की सजा सुनाई है। वहीं दूसरे ग्रुप के काँग्रेस नेता मयंक जाट, योगेंद्र सिंह तोमर, किशोर सिंह चौहान, अमित जायसवाल, ऋषि जायसवाल, यतेंद्र भारद्वाज और भूपेश नेगी को 6 वर्ष की सजा सुनाई है। लंबे समय तक चले इस प्रकरण के दौरान दो आरोपीगण रितेश भदोरिया और रमेश सिंधी अब इस दुनिया मे नहीं रहे है।


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