News By – विवेक चौधरी
रतलाम। करीब एक दशक पहले वर्चस्व को लेकर हुई लड़ाई में के मामले में करीब 4 सप्ताह पहले निचली अदालत ने शहर के 2 गुटों के 11 आरोपियों को सज़ा सुना दी थी। तलवारबाजी एवं गोलीबारी की इस घटना में काँग्रेस एवं भाजपा से जुड़े दोनो गुटों के आरोपियों को सज़ा दी गई थी, तब से सभी जेल में है। लेकिन इस मामले में जो जानकारी सामने आई है उसके हिसाब से महापौर चुनाव में रतलाम काँग्रेस के प्रत्याशी मयंक जाट (अम्बर समूह) एवं उजाला समूह के अमित एवं ऋषि जायसवाल की हाई कोर्ट द्वारा जमानत मंजूर कर ली गई है। जमानत के लिए इसी पक्ष के अन्य आरोपियों की सुनवाई आगे बढ़ा दी गई है। बताया जा रहा है कि इसी गुट के भूपेश नेगी एवं दूसरे गुट जिसमें भाजपा पार्षद भगत सिंह भदौरिया सहित अन्य ने अभी जमानत के लिए अर्जी नहीं दी है। वैसे इस मामले में 3 आरोपियों को जमानत मिलने से अन्य को भी जमानत मिलने के आसार बनने लगे है।

जमानत के राजनैतिक मायने
इस घटना में शहर राजनीति में दखल रखने वाले काँग्रेस और भाजपा के कई नेताओं को सज़ा सुनाई गई थी। इनमें से महापौर पद के काँग्रेस प्रत्याशी मयंक जाट प्रमुख है। यद्धपि युवा मयंक जाट चुनाव में पराजित हो गए थे लेकिन एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी के रूप में सामने आने से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए लिए काँग्रेस पार्टी में ऊर्जा आ गई थी। सूत्रों की माने तो वो काँग्रेस के विधायक प्रत्याशी भी हो सकते थे। लेकिन निचली अदालत द्वारा दोषी पाए जाने से मामला खटाई में पड़ गया है। विधि विशेषज्ञों के अनुसार जमानत मिलने से कुछ आस तो बंधी है लेकिन आगे उच्च न्यायालय से निर्दोष भी साबित होना जरूरी है। वैसे कानून के कुछ अन्य जानकारों का यह भी कहना है कि इस मामले में थोड़ा सब्र करना चाहिए और आगे के घटनाक्रम के बाद ही कोई राय बनानी चाहिए। वैसे जानकारों का कहना है कि पूरे निर्णय के अध्ययन पश्चात मामला स्पष्ट होगा। अब यह तो समय ही बताएगा कि अदालती निर्णय रूपी ऊँट किस करवट बैठता है।
क्या था मामला
तकरीबन 10 साल पहले रतलाम शहर के डाट की पुल क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर विभिन्न गुटों में आपसी लड़ाई हुई थी जिसमें गोलीबारी और जमकर मारपीट हुई थी। लड़ाई के समय अम्बर और उजाला ग्रुप एक साथ भदौरिया ग्रुप के सामने थे। थाना स्टेशन रोड पर दोनों पक्षो ने एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। घटना में कई लोग घायल हुए थे। कोर्ट ने अपने फैसले में आरोपियों में से भदौरिया ग्रुप के भाजपा नेता भगतसिंह भदौरिया, शरद भाटी, रवि मीणा, रितेशनाथ को 7 वर्ष की सजा सुनाई है। वहीं दूसरे ग्रुप के काँग्रेस नेता मयंक जाट, योगेंद्र सिंह तोमर, किशोर सिंह चौहान, अमित जायसवाल, ऋषि जायसवाल, यतेंद्र भारद्वाज और भूपेश नेगी को 6 वर्ष की सजा सुनाई है। लंबे समय तक चले इस प्रकरण के दौरान दो आरोपीगण रितेश भदोरिया और रमेश सिंधी अब इस दुनिया मे नहीं है।





