Ratlam Election 23 – क्या कह रहा है रतलाम का चुनावी फ़ीवर??

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News by – विवेक चौधरी

रतलाम। विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा प्रत्याशियों की पाँचवी सूची जारी होने का बाद रतलाम जिले की पाँचों सीटों की स्थिति स्पष्ट हो गई है कि कहाँ पर, कौन, किसके सामने है। रतलाम जिले में मौजूदा स्थिति में भाजपा के पास रतलाम शहर (चेतन्य काश्यप) रतलाम ग्रामीण (दिलीप मकवाना) जावरा (डॉ राजेन्द्र पांडेय) की तीन सीटें है। जबकि काँग्रेस का सैलाना (हर्षविजय गेहलोत गुड्डू) और आलोट (मनोज चावला) सीट पर कब्ज़ा है। दोनों पार्टियों की सूची जारी होने के बाद मात्र रतलाम ग्रामीण सीट पर मौजूदा भाजपा विधायक दिलीप मकवाना को टिकिट नहीं मिला है। उनकी जगह पूर्व विधायक मथुरालाल डामर को भाजपा का टिकिट मिला है। जबकि अन्य चारों सीटों पर मौजूदा विधायकों पर उनकी पार्टी ने विश्वास जताया है। रतलाम शहर पर काँग्रेस ने पूर्व महापौर पारस सकलेचा, जावरा में नया चेहरा हिम्मत श्रीमाल और रतलाम ग्रामीण में लक्ष्मण सिंह डिंडोर को टिकिट दिया है। जबकि भाजपा ने सैलाना से पूर्व विधायक संगीता चारेल को टिकिट दिया है और आलोट में भाजपा से उज्जैन के पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय हाथ आजमाएंगे।

जिले में कौन है किसके सामने…

रतलाम शहर –
चेतन्य काश्यप (भाजपा) Vs पारस सकलेचा (काँग्रेस)
वर्तमान – चेतन्य काश्यप (भाजपा)

रतलाम ग्रामीण –
मथुरालाल डामर (भाजपा) Vs लक्षमण डिंडोर (काँग्रेस)
वर्तमान – दिलीप मकवाना (भाजपा)

जावरा –
राजेन्द्र पांडेय (भाजपा) Vs हिम्मत श्रीमाल (काँग्रेस)
वर्तमान – डॉ राजेन्द्र पांडेय (भाजपा)

सैलाना –
श्रीमती संगीता चारेल (भाजपा) Vs हर्षविजय गेहलोत गुड्डू (काँग्रेस)
वर्तमान – हर्षविजय गेहलोत गुड्डू (काँग्रेस)

आलोट –
चिन्तामणि मालवीय (भाजपा) Vs मनोज चावला (काँग्रेस)
वर्तमान – मनोज चावला (काँग्रेस)

घोषणा के साथ विरोध प्रदर्शन भी

काँग्रेस की दूसरी सूची जारी होने के बाद से ही प्रत्याशियों का विरोध भी प्रारम्भ हो गया है। जावरा और रतलाम शहर प्रत्याशियों के चयन के खिलाफ तो पुतला दहन की भी घटना दर्ज हो चुकी हैं। वहीं रतलाम ग्रामीण में काँग्रेस के पूर्व विधायक लक्ष्मीदेवी खराड़ी, पूर्व प्रत्याशी थावरलाल भूरिया, युवा नेता किशन सिंगाड, ग्रामीण नेता प्रेमसिंह गामड़ जैसे नेताओं ने बाहरी उम्मीदवार के विरोध में जिलाध्यक्ष को पत्र दे दिया था। लक्ष्मण सिंह डिंडोर बाहरी उम्मीदवार है। वहीं दूसरे दावेदार डॉ अभय ओहरी बगावत कर जयस से चुनाव लड़ सकते है। आलोट से पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू काँग्रेस से अभी भी दावेदारी कर रहें है। वो बगावत कर चुनाव भी लड़ सकते है। उनकी बेटी को इंदौर की सांवेर सीट से काँग्रेस का टिकिट मिला है। लेकिन प्रेमचंद गुड्डू स्वयं अथवा उनके बेटे अजीत बौरासी का टिकिट चाह रहें है। जावरा में काँग्रेस के टिकिट के दावेदार राजपूत करनी सेना के जीवन सिंह शेरपुर बगावती तेवर में दिख रहें है। वे निर्दलीय चुनाव लड़ने के मूड में है। वैसे तो आनेवाले समय में दोनों पार्टियों में विरोध के स्वर बुलंद हो सकते है। लेकिन निर्वाचन में नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने के पहले दिन 21 अक्टूबर को जिले के किसी भी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए कोई भी नाम निर्देशन पत्र दाखिल नहीं किया गया। दिन बीतने के साथ “चुनावी फ़ीवर” बढ़ेगा, जो राजनीति में रुचि रखने वालों के लिए दिलचस्प होगा