News By – विवेक चौधरी (रतलाम ब्यूरो प्रमुख)
(www.newsindia365.com) रतलाम। “वक्त है बदलाव का” के नारे के साथ कांग्रेस पार्टी के प्रदेश की सत्ता में आने के बाद भी शिक्षा जगत में कुछ भी नहीं बदला। प्रदेश में शिक्षा का व्यवसायीकरण जस का तस ही है और साथ ही शिक्षा के राजनीतिकरण के प्रयास में भी कोई कमी नहीं आई। मुख्यमंत्री कमलनाथ के रवैये से इस क्षेत्र में बदलाव की उम्मीद थी लेकिन जैसा कि पिछली भाजपा सरकार के समय से होता चला आया था, उसी तर्ज पर कांग्रेस सरकार ने भी महाविद्यालयीन स्तरीय जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष पद पर सत्ता से जुड़े राजनीतिक व्यक्तियों को ही बांट दिए। इसके साथ ही विधायकों को अध्यक्ष बनाने पर कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी कलह और नाराज़गी भी सामने आ सकती है। बामुश्किल प्रदेश में सत्ता दिलवाने वाले कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता इस सूची से अंदरूनी तौर पर नाराज़ बताए जा रहे है। अनेक कार्यकर्ताओं को आशा थी कि उन्हें यह पद मिल सकता है।

प्रदेश में कांग्रेस सरकार के गठन के पश्चात मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मंशा के साथ जनभागीदारी समितियों को भंग कर दिया था कि शिक्षा का राजनीतिकरण बंद किया जाएगा। और गणमान्य नागरिकों, समाजसेवीयों और शिक्षाविदों को इससे जोड़ा जाएगा। जिसके संबंध में तत्कालीन उच्च शिक्षा विभाग की अपर सचिव डॉ. जयश्री मिश्रा ने प्रदेश के सभी प्राचार्यों एवं क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालकों को पत्र भेजकर निर्देश दिया था कि कॉलेजों में जनभागीदारी समितियों के राजनीतिकरण को रोकते हुए शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों की सहभागिता कर उन्हें सशक्त बनाएं। जिससे कॉलेजों में जनभागीदारी समितियों के राजनीतिकरण पर विराम लगे और परिसर में स्वस्थ वातावरण निर्मित किया जा सके। लेकिन वर्तमान में सूची जारी होने साथ ही हो गया इसका उल्टा। यानि “बदलाव का नारा तो दिया गया लेकिन बदला कुछ नही।” उम्मीद थी कि वर्तमान सरकार में गणमान्य नागरिकों और शिक्षाविदों को मौका मिल सकता है। मध्यप्रदेश के लगभग पौने पाँच सौ शासकीय कॉलेजों में जनभागीदारी समितियों का मनोनयन होता है।
रतलाम में किसकी कहाँ हुई नियुक्ति?
कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, रतलाम – हर्षविजय गहलोत (कांग्रेस विधायक -सैलाना)
शासकीय कन्या महाविद्यालय, रतलाम – प्रेमलता दवे (कांग्रेस विधायक प्रत्याशी रतलाम शहर)
शासकीय महाविद्यालय, आलोट – मनोज चावला (कांग्रेस विधायक आलोट)
शासकीय महाविद्यालय, सैलाना – मनोज भंडारी (कांग्रेस पदाधिकारी रहे है)
शासकीय महाविद्यालय ताल – आशीष गुप्ता (युवा कांग्रेस)
को जनभागीदारी समिति अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि स्वामी विवेकानंद वाणिज्य महाविद्यालय रतलाम और शहीद भगतसिंह शासकीय महाविद्यालय जावरा सहित जिले के अन्य महाविद्यालयों में नियुक्तियां की जानी शेष है। पूर्व में भाजपा सरकार के समय में भी रतलाम में भाजपा से जुड़े राकेश मिश्रा, अनिता कटारिया एवं महेंद्र नाहर को बनाया था। और अभी कांग्रेस ने इस परिपाटी को जारी रखा है।




