
News By – नीरज बरमेचा (93028 24420)
- डॉ. लक्ष्मी नारायण पांडे को उनके जन्मजयंती पर भाजपा ने दी सच्ची श्रद्धांजलि
रतलाम। विगत कई वर्षों से रतलाम के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के नामकरण को लेकर कवायद चल रही थी। विभिन्न संगठन, संस्था एवं पार्टी पदाधिकारियों द्वारा अपने अपने तरीके से इसके नामकरण की मांग की जा रही थी। इन सब बातों पर विराम देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने नीमच प्रवास में घोषणा कर दी कि इसका नाम भाजपा के दिवंगत नेता डॉ लक्ष्मीनारायण पांडेय की स्मृति में रखा जाएगा। आज उनकी जन्मजयंती भी है और इसकी पूर्व संध्या पर डॉ पाण्डेय की स्मृति में नामकरण पार्टी और मुख्यमंत्री की ओर से सच्ची श्रद्धांजलि ही कहलाएगी। रतलाम जिले के जावरा तहसील के शुजापुर ग्राम में 25 मार्च 1928 को जन्मे डॉ पांडेय ने भाजपा के लिए एक लंबी और सफल पारी खेली है। उनके पुत्र डॉ राजेन्द्र पाण्डेय जो कि जावरा विधायक होने के साथ साथ अपने पिता की विरासत को बखूबी संभाल रहे है।
राजनैतिक जीवन
1962 में मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं काँग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ कैलाश नाथ काटजू को विधानसभा चुनाव में हराकर युवा लक्ष्मीनारायण पांडेय सुर्खियों में आए थे। उसके बाद उन्होंने अपने राजनैतिक जीवन में पीछे पलट कर नहीं देखा। डॉ पांडेय 1971 में पहली बार लोकसभा चुनाव में मंदसौर जावरा संसदीय सीट पर हाथ आजमाने उतरे और 2009 तक रिकॉर्ड लगातार ग्यारह बार एक ही सीट से चुनाव लड़े। जो यह बताता है कि पार्टी के वरिष्ठों का उनपर कितना विश्वास और सम्मान था। 11 चुनाव में से वे 8 बार चुनाव जीते। 1980, 1984 तथा 2009 में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बावजूद पार्टी एवं राजनीति के गलियारे में उनका कद और सम्मान कम नहीं हुआ। 1980 में तो मात्र ढाई हजार वोट का अंतर उनकी जीत में बाधा बना था। 19 मई 2016 को 88 वर्ष की आयु में उन्होंने इस दुनिया से विदाई ली लेकिन जावरा मंदसौर सहित पूरे अंचल में जनता के हृदय में चिरस्थायी स्थान अंकित कर लिया। जनसंघ, भाजपा और आरएसएस के दिग्गज भी उनका सम्मान करते थे। डॉ लक्ष्मीनारायण पांडेय पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरो सिंह शेखावत, राजमाता स्व. विजयाराजे सिंधिया, स्व. कुशाभाऊ ठाकरे, स्व. सुंदरलाल पटवा सहित भाजपा के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारियों, नेताओं के प्रिय एवं विश्वसनीय सहयोगी रहें है। युवा नेता उनसे मार्गदर्शन लिया करते थे। लेखन के शौकीन डॉ पांडेय ने कई पुस्तकें भी लिखी और विभिन्न पदों, समिति के सदस्य इत्यादि के रूप में बखूबी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। अपनी बेदाग एवं निष्कलंक राजनीति के गुण उनके पुत्र और राजनैतिक उत्तराधिकारी डॉ राजेंद्र पांडे में देखें जा सकते है।
भाजपा के नींव के पत्थर
यद्धपि नीमच में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पार्टी के नींव के पत्थर रहे स्व. वीरेंद्र कुमार सकलेचा के नाम पर नीमच एवं स्व. सुंदरलाल पटवा के नाम पर मंदसौर के कॉलेज का भी नामकरण की घोषणा की है लेकिन रतलाम की घोषणा में कई और राजनैतिक समीकरण भी समाहित है। इस घोषणा के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर जावरा विधायक डॉ राजेंद्र पांडे का कद जिले की राजनीति में आगे बढ़ाया है।
राजनैतिक गलियारों में शुरू हुई चुनावी हलचल
पिछले कई वर्षों में बतौर विधायक डॉ राजेंद्र पांडे को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से पूरा समर्थन एवं सहयोग रहा है। मुख्यमंत्री ने डॉ राजेन्द्र पांडेय के माध्यम से जावरा की प्रगति के लिए हर संभव सुविधाएं मुहैया कराने का प्रयास किया है। यह चुनावी वर्ष है और मुख्यमंत्री का डॉ राजेन्द्र पांडेय के प्रति स्नेह सम्मान अपने आप मे बहुत कुछ बयां करता है कि जिले की बात आने पर राजेन्द्र पांडेय को नजरंदाज किया जाना संभव नहीं है। सहज सरल और सुलभ रहे स्व. लक्ष्मीनारायण पांडेय की भाँति जनता के बीच डॉ राजेन्द्र पांडेय लोकप्रिय है। अपनों के बीच राजू भैया से भी संबोधित किए जाने वाले राजेन्द्र पाण्डेय का राजनीतिक सफर अभी और ऊंचाईयों पर जाना बाकी है।

रतलामी फीवर के लिए हमें व्हाट्सएप पर ज्वाइन करे…
https://chat.whatsapp.com/I3cXSVVXvVF8Xo4OHT2A9t
न्यूज़ इंडिया 365 – खबरों का रतलामी फीवर के व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ने और महत्वपूर्ण समाचारो के साथ अपने को अपडेट रखने के लिए, ऊपर दी गयी लिंक पर क्लिक करे|


