News By – विवेक चौधरी
रतलाम। शहर के दीनदयाल नगर थाना परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक ने थाने परिसर में खुद को आग लगा ली। युवक को बचाने में 4 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। बाद में युवक को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ उपचार उपरांत युवक को गंभीर होने पर इंदौर रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि युवक को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा हो गई थी और वह कुछ दिन पहले ही बाहर आया था। उसका गवाह से विवाद था, जिसकी उसने शिकायत कर रखी थी और इसी क्रम में पुलिस पर कार्यवाही करने का दबाव बना रहा था और इसके चलते उसने यह कदम उठाया। वहीं घटना की जानकारी मिलने पर एसपी अमित कुमार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार 21 फरवरी की रात को एक युवक अजय सिंह पवार उर्फ अजय चोटी आयु करीब 35 वर्ष, ने शहर के थाना दीनदयाल नगर परिसर में अपने शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। इससे वह बुरी तरह झुलस गया और उसे बचाने में प्रधान आरक्षक राजेंद्र मेवाड़ा, आरक्षक राकेश, स.उप.निरीक्षक मुरली मकवाना और एक अन्य पुलिसकर्मी जगदीश के हाथ भी झुलस गए। बताया यह भी जा रहा है कि अजय पंवार पर हत्या समेत 6 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, अजय पर शहर में एक ऑटो चालक नरेंद्र सिंह की हत्या और उसके ऑटो में आग लगाने का आरोप है। इसी मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा भी मिली थी। कुछ दिन पहले वह जमानत पर बाहर आया था। इसी मामले को लेकर 9 जनवरी को गवाहों के खिलाफ अजय ने मारपीट समेत अन्य धाराओं में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। उसकी शिकायत के अनुसार गवाहों ने आरोपी अजय के साथ मारपीट की थी। उसकी शिकायत पर पुलिस ने ईश्वर नगर के रहने वाले करण, राहुल, मुकेश, कला, अनीता, विकास और आर्यन के खिलाफ केस दर्ज किया था।
पुलिस के अनुसार शुक्रवार रात आरोपी अजय नशे की हालत में पेट्रोल और माचिस लेकर दीनदयाल नगर थाने पहुँच गया था और दबाव बनाते हुए उसके द्वारा की गई हत्या प्रकरण के गवाह और उसके साथ मारपीट के आरोपी मुकेश व उसके साथियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगा। नशे में वह उन सभी को गिरफ्तार करने का दबाव बनाने लगा। जब पुलिस ने उसे समझाने का प्रयास किया, तब वह नहीं माना और बोतल से शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। जिसके बाद पहले उसे रतलाम के मेडिकल कॉलेज और बाद में उपचार के लिए इंदौर रेफर कर दिया गया। वहीं आग बुझाने में घायल पुलिसकर्मियों के भी उपचार किया गया।



