News by – विवेक चौधरी
★ थाना स्टेशन रोड पुलिस की बड़ी सफलता
★ 40 लाख रुपये की लूट का 24 घंटे के भीतर खुलासा
★ साजिशकर्ता कर्मचारी गिरफ्तार, पूरी राशि बरामद
★ ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय की वेशभूषा पहनकर वारदात को दिया था अंजाम
★ व्हाट्सएप के “OK” कोड मैसेज से हुई थी लूट की प्लानिंग
रतलाम। रतलाम पुलिस ने एक बार फिर त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना स्टेशन रोड क्षेत्र में हुई 40 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की घटना का मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने प्रकरण के मुख्य साजिशकर्ता एवं फरियादी के कर्मचारी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लूटी गई पूरी 40 लाख रुपये की नगदी बरामद की गई।
इस सनसनीखेज घटना पर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने ASP विवेक लाल, ASP राकेश पन्द्रों के साथ मीडिया को खुलासा करते हुए बताया कि दिनांक 30 जून 2026 को फरियादी मनीष पटवा निवासी शहर सराय, रतलाम ने थाना स्टेशन रोड पर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके मित्र एवं शराब व्यवसायी गौरव शर्मा की विभिन्न शराब दुकानों से प्राप्त लगभग 40 लाख रुपये की नगदी सुरक्षित रखने के लिए उसके कार्यालय भेजी गई थी। राशि लेकर आए कर्मचारी ने नगदी फरियादी के कर्मचारी फरदीन एवं उसके पिता फिरोज को सौंप दी। दोनों ने नगदी गिनने के बाद उसे काले रंग के बैग में रखकर घर की ऊपरी मंजिल पर ले जाना शुरू किया। इसी दौरान ब्लिंकिट कंपनी की वेशभूषा पहने एवं चेहरे पर कपड़ा बांधे एक अज्ञात व्यक्ति ने फरदीन को जान से मारने की धमकी देकर उसके हाथ से 40 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया और मौके से फरार हो गया। रिपोर्ट पर थाना स्टेशन रोड में अपराध क्रमांक 615/2026 अंतर्गत धारा 309(4), 351(3) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने CSP सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में थाना स्टेशन रोड पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की। पुलिस टीम ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरियादी के कर्मचारी फरदीन की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। पुलिस अभिरक्षा में लेकर गहन पूछताछ करने पर फरदीन ने स्वीकार किया कि उसने अपने भाई फैज एवं साथी असबाब के साथ मिलकर पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत पूरी वारदात को अंजाम दिया।
आरोपी ने व्हाट्सएप के “ओके” मैसेज से दिया था संकेत। पूछताछ में सामने आया कि जैसे ही 40 लाख रुपये फरदीन के पास पहुंचे, उसने व्हाट्सएप पर “OK” कोड मैसेज भेजकर अपने साथियों को सूचना दी। पूर्व योजना के अनुसार दोनों आरोपी ब्लिंकिट कंपनी की वर्दी पहनकर स्कूटी से मौके पर पहुंचे और लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी असबाब पूर्व में ब्लिंकिट कंपनी में कार्यरत रह चुका था, इसलिए पुलिस की नजरों से बचने के उद्देश्य से उसी कंपनी की ड्रेस का उपयोग किया गया।
आरोपी फरदीन की निशानदेही पर उसके घर एवं आरोपी असबाब के घर के स्टोर रूम से घटना में लूटी गई पूरी 40 लाख रुपये की नगदी बरामद कर ली गई। पुलिस अब फरार दोनों आरोपियों फैज पिता फिरोज खान, निवासी वेदव्यास कॉलोनी, रतलाम और असबाब पिता सलीम रंगरेज, निवासी हाट रोड, रतलाम की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। जबकि फरदीन पिता फिरोज खान, उम्र 22 वर्ष, निवासी वेदव्यास कॉलोनी, रतलाम पुलिस की गिरफ्त में है। इसके साथ ही पुलिस आरोपियों के अन्य जिलों में दर्ज आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने अपनी टीम को इस सफलता पर बधाई दी है। इस प्रकरण के खुलासे में निरीक्षक जितेन्द्रपाल सिंह जादौन (थाना प्रभारी स्टेशन रोड), उप निरीक्षक जितेन्द्र सिंह कनेश, उप निरीक्षक मुकेश सस्तिया, उप निरीक्षक विजय बामनिया, उप निरीक्षक शिवेंद्र कुमार, उप निरीक्षक (रे.) नवलसिंह मिनावा, प्रधान आरक्षक मुकेश सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक अभिषेक पाठक, प्रधान आरक्षक निलेश पाठक, प्र आर शान्तीलाल डिण्डोर, आरक्षक लाखन सिंह, आरक्षक रितेश यादव, आरक्षक निर्मल कटारा (सीएसपी कार्यालय), प्र. आर हेमंत पंवार तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, आरक्षक विपुल भावसार, आरक्षक राहुल पाटीदार, आर तुषार सिसोदीया, आर पारस चावला, आर देवेन्द्र डोडिया की सराहनीय भूमिका रही।



